बिहार राज्य महिला आयोग में एक मामला सामने आया है, जिसमें एक बहू ने आरोप लगाया है कि उसकी सास और उसकी दोस्त दोनों मिलकर उसे मारती हैं और प्रताड़ित करती हैं। बहू ने यहां तक आरोप लगाया कि इस मारपीट के कारण उसका मिसकैरेज हो गया। सास अपने बेटे को उसके कमरे में तक नहीं आने देती है। उसके साथ सोने से मना करती है। सास का कहना है कि अगर बेटा उसके साथ सोएगा तो फिर वह बच्चा पैदा करके प्रॉपर्टी ले लेगी। यह मामला पटना का है। हालांकि, आयोग में आवेदन सास की ओर से दिया गया है। हालांकि, दोनों ने मिलकर आपस में सुलह कर ली है। अप्रैल 2024 में हुई थी बहु-बेटे की शादी सास ने बताया कि, ‘मेरे बेटे की शादी अप्रैल 2024 में हुई थी। शादी के बाद से ही मेरी बहू घर में झगड़ा करने लगी। झगड़ा होने पर मौका देखकर मेरी बहू का भाई और उसकी मां आते है। हमें हमारी संपत्ति हड़पने की धमकी देते। सास का आरोप है कि, ‘बहु और उसके परिजन मुझे मेरे बेटे से अलग करना चाहते हैं। मैंने अपने पति की संपत्ति पर खुद से फ्लैट बनवाया था, जिस पर अभी भी ऋण चल रहा है। इस फ्लैट में मैंने किराया लगाया और इसी से मेरी रोजी-रोटी चलती है। मेरी बहू बार-बार दो फ्लैट की मांग करती रहती है।’ बहू बार-बार जहर खाने की धमकी देती है- सास सास ने आगे कहा कि, ‘मेरी बहू मुझ पर प्रताड़ना का आरोप लगाती है और संपत्ति के लिए बार-बार जहर खाने की धमकी देती है। बहू के भाई ने कॉलर पकड़कर मेरे बेटे को मारा है। मैंने डर के कारण अपने घर में सीसीटीवी कैमरा भी लगाया था, लेकिन मेरी बहू ने उसका तार भी काट दिया।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘मुझे कोई परेशानी नहीं है अगर मेरी बहू अपने ससुराल में रहे। लेकिन मैं उसे अपने साथ नहीं रखना चाहती हूं। वह अपने कमरे में अपनी लाइफ जिए। मुझे उससे कोई मतलब नहीं रखना है।’ सास और उसकी दोस्त के प्रताड़ना के कारण हुआ मिसकैरेज दूसरी ओर आवेदिका की बहू ने कहा कि, ‘मुझे मेरी सास के साथ उसकी दोस्त भी प्रताड़ित करती है। मेरे कपड़े को लेकर कमेंट करती है और अगर मैं पैर ना छुऊं तो उसकी भी शिकायत करती है। जनवरी 2026 को मेरे ससुराल आई सास की दो दोस्तों ने सास के साथ मिलकर मुझे काफी मारा।’ बहू ने आरोप लगाया कि, ‘एक बार मैं प्रेग्नेंट भी हुई थी, लेकिन मुझे पता नहीं चला था। 2 महीने मुझे पीरियड्स नहीं आए थे। मैंने सोचा कि तीसरा महीना होने पर एक बार चेकअप करवा लूंगी और फिर कंफर्म होने पर पूरे परिवार वालों को यह खुशखबरी दूंगी। लेकिन मारपीट के कारण मेरा मिसकैरेज हो गया।’ सास पति को मेरे कमरे में आने नहीं देती- बहू फरवरी महीने में मारपीट को लेकर हमारे बीच सुलह हुई। फिर मैं अपने पति के साथ ऊपर वाले कमरे में और मेरी सास नीचे वाले कमरे में रहने लगी। मगर मेरी सास मेरे पति को कमरे में आने नहीं देती थी। वह अपने बेटे को कहती है कि उसके साथ मत सोना, बच्चा पैदा करके प्रॉपर्टी ले लेगी। इन्हीं सारी चीजों से मैं परेशान हूं। हमारा वंश आगे नहीं बढ़ पा रहा है।’ 10 दिन साथ रहने के बाद केस हुआ निष्पादित इस मामले को लेकर बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो.अप्सरा ने कहा कि, ‘सास ने यह आरोप लगाया था कि बहू उसके साथ मारपीट करती है। दूसरी ओर बहू का कहना है कि सास और दोस्त मिलकर उसे मारती हैं। इस पर थाना में भी सुलह कराने के लिए पहुंचे थे। तब बहू को ऊपर वाले कमरे में और सास को नीचे वाले कमरे में रहने को कहा गया था। इस फैसले के बाद बेटा अपनी पत्नी के साथ नहीं रहता है।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘आयोग ने दोनों को 10 दिनों तक एक सुखी दांपत्य जीवन के लिए साथ रहने को कहा था। गुरुवार को तीनों लोग आयोग आए थे और सास ने अपना केस वापस ले लिया है। तीनों ने आपस में सुलह कर ली है और साथ रहना चाहते हैं। अब यह मामला निष्पादित हो गया है।’ बिहार राज्य महिला आयोग में एक मामला सामने आया है, जिसमें एक बहू ने आरोप लगाया है कि उसकी सास और उसकी दोस्त दोनों मिलकर उसे मारती हैं और प्रताड़ित करती हैं। बहू ने यहां तक आरोप लगाया कि इस मारपीट के कारण उसका मिसकैरेज हो गया। सास अपने बेटे को उसके कमरे में तक नहीं आने देती है। उसके साथ सोने से मना करती है। सास का कहना है कि अगर बेटा उसके साथ सोएगा तो फिर वह बच्चा पैदा करके प्रॉपर्टी ले लेगी। यह मामला पटना का है। हालांकि, आयोग में आवेदन सास की ओर से दिया गया है। हालांकि, दोनों ने मिलकर आपस में सुलह कर ली है। अप्रैल 2024 में हुई थी बहु-बेटे की शादी सास ने बताया कि, ‘मेरे बेटे की शादी अप्रैल 2024 में हुई थी। शादी के बाद से ही मेरी बहू घर में झगड़ा करने लगी। झगड़ा होने पर मौका देखकर मेरी बहू का भाई और उसकी मां आते है। हमें हमारी संपत्ति हड़पने की धमकी देते। सास का आरोप है कि, ‘बहु और उसके परिजन मुझे मेरे बेटे से अलग करना चाहते हैं। मैंने अपने पति की संपत्ति पर खुद से फ्लैट बनवाया था, जिस पर अभी भी ऋण चल रहा है। इस फ्लैट में मैंने किराया लगाया और इसी से मेरी रोजी-रोटी चलती है। मेरी बहू बार-बार दो फ्लैट की मांग करती रहती है।’ बहू बार-बार जहर खाने की धमकी देती है- सास सास ने आगे कहा कि, ‘मेरी बहू मुझ पर प्रताड़ना का आरोप लगाती है और संपत्ति के लिए बार-बार जहर खाने की धमकी देती है। बहू के भाई ने कॉलर पकड़कर मेरे बेटे को मारा है। मैंने डर के कारण अपने घर में सीसीटीवी कैमरा भी लगाया था, लेकिन मेरी बहू ने उसका तार भी काट दिया।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘मुझे कोई परेशानी नहीं है अगर मेरी बहू अपने ससुराल में रहे। लेकिन मैं उसे अपने साथ नहीं रखना चाहती हूं। वह अपने कमरे में अपनी लाइफ जिए। मुझे उससे कोई मतलब नहीं रखना है।’ सास और उसकी दोस्त के प्रताड़ना के कारण हुआ मिसकैरेज दूसरी ओर आवेदिका की बहू ने कहा कि, ‘मुझे मेरी सास के साथ उसकी दोस्त भी प्रताड़ित करती है। मेरे कपड़े को लेकर कमेंट करती है और अगर मैं पैर ना छुऊं तो उसकी भी शिकायत करती है। जनवरी 2026 को मेरे ससुराल आई सास की दो दोस्तों ने सास के साथ मिलकर मुझे काफी मारा।’ बहू ने आरोप लगाया कि, ‘एक बार मैं प्रेग्नेंट भी हुई थी, लेकिन मुझे पता नहीं चला था। 2 महीने मुझे पीरियड्स नहीं आए थे। मैंने सोचा कि तीसरा महीना होने पर एक बार चेकअप करवा लूंगी और फिर कंफर्म होने पर पूरे परिवार वालों को यह खुशखबरी दूंगी। लेकिन मारपीट के कारण मेरा मिसकैरेज हो गया।’ सास पति को मेरे कमरे में आने नहीं देती- बहू फरवरी महीने में मारपीट को लेकर हमारे बीच सुलह हुई। फिर मैं अपने पति के साथ ऊपर वाले कमरे में और मेरी सास नीचे वाले कमरे में रहने लगी। मगर मेरी सास मेरे पति को कमरे में आने नहीं देती थी। वह अपने बेटे को कहती है कि उसके साथ मत सोना, बच्चा पैदा करके प्रॉपर्टी ले लेगी। इन्हीं सारी चीजों से मैं परेशान हूं। हमारा वंश आगे नहीं बढ़ पा रहा है।’ 10 दिन साथ रहने के बाद केस हुआ निष्पादित इस मामले को लेकर बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो.अप्सरा ने कहा कि, ‘सास ने यह आरोप लगाया था कि बहू उसके साथ मारपीट करती है। दूसरी ओर बहू का कहना है कि सास और दोस्त मिलकर उसे मारती हैं। इस पर थाना में भी सुलह कराने के लिए पहुंचे थे। तब बहू को ऊपर वाले कमरे में और सास को नीचे वाले कमरे में रहने को कहा गया था। इस फैसले के बाद बेटा अपनी पत्नी के साथ नहीं रहता है।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘आयोग ने दोनों को 10 दिनों तक एक सुखी दांपत्य जीवन के लिए साथ रहने को कहा था। गुरुवार को तीनों लोग आयोग आए थे और सास ने अपना केस वापस ले लिया है। तीनों ने आपस में सुलह कर ली है और साथ रहना चाहते हैं। अब यह मामला निष्पादित हो गया है।’


