मोतिहारी सेंट्रल जेल में छापेमारी, आपत्तिजनक सामान नहीं मिला:जिला प्रशासन-पुलिस की संयुक्त टीम ने चलाया अभियान, अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना उद्देश्य

मोतिहारी सेंट्रल जेल में छापेमारी, आपत्तिजनक सामान नहीं मिला:जिला प्रशासन-पुलिस की संयुक्त टीम ने चलाया अभियान, अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना उद्देश्य

मोतिहारी सेंट्रल जेल में गुरुवार सुबह जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने सघन छापेमारी की। सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की गई इस कार्रवाई में कोई भी आपत्तिजनक या प्रतिबंधित सामान बरामद नहीं हुआ। यह अभियान जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल के जवान शामिल थे। टीम ने जेल के सभी वार्डों, कैदियों के बैरकों और परिसर के विभिन्न हिस्सों की बारीकी से जांच की। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने बताया कि जेल के अंदर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर ऐसी छापेमारी की जाती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि जेल में बंद अपराधी बाहरी दुनिया में अपराध की योजना न बना सकें। अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना उद्देश्य पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने कहा कि इस तरह के औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जेल में बंद कुख्यात अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधी कई बार जेल के भीतर से ही आपराधिक साजिश रचने का प्रयास करते हैं, जिसे विफल करने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है। शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ अभियान एसपी ने आगे कहा कि ऐसी कार्रवाई से अपराधियों के मंसूबों पर पानी फिरता है। उन्हें यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि प्रशासन हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए है। छापेमारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और पूरा अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन ने संकेत दिया है कि जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। मोतिहारी सेंट्रल जेल में गुरुवार सुबह जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने सघन छापेमारी की। सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की गई इस कार्रवाई में कोई भी आपत्तिजनक या प्रतिबंधित सामान बरामद नहीं हुआ। यह अभियान जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल के जवान शामिल थे। टीम ने जेल के सभी वार्डों, कैदियों के बैरकों और परिसर के विभिन्न हिस्सों की बारीकी से जांच की। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने बताया कि जेल के अंदर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर ऐसी छापेमारी की जाती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि जेल में बंद अपराधी बाहरी दुनिया में अपराध की योजना न बना सकें। अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना उद्देश्य पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने कहा कि इस तरह के औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जेल में बंद कुख्यात अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधी कई बार जेल के भीतर से ही आपराधिक साजिश रचने का प्रयास करते हैं, जिसे विफल करने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है। शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ अभियान एसपी ने आगे कहा कि ऐसी कार्रवाई से अपराधियों के मंसूबों पर पानी फिरता है। उन्हें यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि प्रशासन हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए है। छापेमारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और पूरा अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन ने संकेत दिया है कि जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।  

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