मौलाना मजहरुल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने अपने और अपने करीबियों के नाम पर पटना में नॉलेज रिसोर्स सेंटर ले रखे हैं। विवि के डीन एजुकेशन असदुल्लाह खान का फुलवारीशरीफ में फातिमा डिग्री कॉलेज है। इसमें बैचलर ऑफ लाइब्रेरी साइंस की 120 सीटें हैं। मास्टर ऑफ लाइब्रेरी साइंस का भी कोर्स चलता है। उनके भाई और इसी विवि के सहायक कुलसचिव सनाउल्लाह खान को निगरानी की टीम ने 2.50 लाख रुपए घूस लेते मंगलवार को गिरफ्तार किया था। विवि के एक और सहायक कुलसचिव अखलाकुर रहमान का बोरिंग रोड में नालंदा बिजनेस कॉलेज चलता है। इसमें बैचलर ऑफ लाइब्रेरी साइंस की सीटों को 60 से बढ़ा कर 120 कर दिया गया है। इन नॉलेज रिसोर्स सेंटरों में विवि से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों के करीबी रिश्तेदार स्टाफ या अफसर हैं। सेंटर देने में भले ही मानकों का पालन किया गया, लेकिन पैसों का खेल हुआ है। विवि के कई अधिकारी और स्टाफ निगरानी के रडार पर हैं। जेल गए सनाउल्लाह को निगरानी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। सहायक कुलसचिव को भेजा गया जेल, पीसी एक्ट में केस घूस लेते गिरफ्तार सनाउल्लाह खान के अनीसाबाद स्थित फ्लैट में सर्च के दौरान निगरानी को बैंक पासबुक, एलआईसी के दस्तावेज, एक फ्लैट की डीड, फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट के कागजात, वास्तु विहार में इन्वेस्टमेंट के कागजात, एक क्रेटा कार, एक मोटरसाइकिल, 161 ग्राम सोना और 429 ग्राम चांदी मिली। जांच एजेंसी इसकी छानबीन करने में जुटी है। सनाउल्लाह को बेउर जेल भेज दिया गया है। पीसी एक्ट (PC Act) की धाराओं के तहत निगरानी थाने में केस दर्ज किया गया है। निगरानी की टीम ने सनाउल्लाह को समस्तीपुर के दो केआरसी (KRC) के छात्रों का नंबर चढ़ाने के नाम पर 2.50 लाख रुपए घूस लेते गिरफ्तार किया था। विवि के वीसी मो. आलमगीर ने बताया कि सनाउल्लाह का निलंबन तय है। वीसी ने कहा- सहायक रजिस्ट्रार का आरोप निराधार विवि के वीसी आलमगीर ने कहा कि “मेरे कहने पर घूस लेने का सनाउल्लाह खान का आरोप निराधार है। यह बात सही है कि केआरसी सेंटर के लिए जो पैसा दे रहा था, वह एक बार मिला था। मैंने उससे कहा था कि जब आपके केआरसी का छात्र प्रैक्टिकल में हाजिर नहीं हुआ तो नंबर कैसे मिलेगा? उसके बाद उसने सनाउल्लाह से संपर्क किया।” केआरसी देने के लिए विवि में मानक तय हैं। वीसी के अनुसार, तत्कालीन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने भी सनाउल्लाह की शिकायत की थी कि वह केआरसी देने के नाम पर रकम मांगता है। मौलाना मजहरुल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने अपने और अपने करीबियों के नाम पर पटना में नॉलेज रिसोर्स सेंटर ले रखे हैं। विवि के डीन एजुकेशन असदुल्लाह खान का फुलवारीशरीफ में फातिमा डिग्री कॉलेज है। इसमें बैचलर ऑफ लाइब्रेरी साइंस की 120 सीटें हैं। मास्टर ऑफ लाइब्रेरी साइंस का भी कोर्स चलता है। उनके भाई और इसी विवि के सहायक कुलसचिव सनाउल्लाह खान को निगरानी की टीम ने 2.50 लाख रुपए घूस लेते मंगलवार को गिरफ्तार किया था। विवि के एक और सहायक कुलसचिव अखलाकुर रहमान का बोरिंग रोड में नालंदा बिजनेस कॉलेज चलता है। इसमें बैचलर ऑफ लाइब्रेरी साइंस की सीटों को 60 से बढ़ा कर 120 कर दिया गया है। इन नॉलेज रिसोर्स सेंटरों में विवि से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों के करीबी रिश्तेदार स्टाफ या अफसर हैं। सेंटर देने में भले ही मानकों का पालन किया गया, लेकिन पैसों का खेल हुआ है। विवि के कई अधिकारी और स्टाफ निगरानी के रडार पर हैं। जेल गए सनाउल्लाह को निगरानी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। सहायक कुलसचिव को भेजा गया जेल, पीसी एक्ट में केस घूस लेते गिरफ्तार सनाउल्लाह खान के अनीसाबाद स्थित फ्लैट में सर्च के दौरान निगरानी को बैंक पासबुक, एलआईसी के दस्तावेज, एक फ्लैट की डीड, फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट के कागजात, वास्तु विहार में इन्वेस्टमेंट के कागजात, एक क्रेटा कार, एक मोटरसाइकिल, 161 ग्राम सोना और 429 ग्राम चांदी मिली। जांच एजेंसी इसकी छानबीन करने में जुटी है। सनाउल्लाह को बेउर जेल भेज दिया गया है। पीसी एक्ट (PC Act) की धाराओं के तहत निगरानी थाने में केस दर्ज किया गया है। निगरानी की टीम ने सनाउल्लाह को समस्तीपुर के दो केआरसी (KRC) के छात्रों का नंबर चढ़ाने के नाम पर 2.50 लाख रुपए घूस लेते गिरफ्तार किया था। विवि के वीसी मो. आलमगीर ने बताया कि सनाउल्लाह का निलंबन तय है। वीसी ने कहा- सहायक रजिस्ट्रार का आरोप निराधार विवि के वीसी आलमगीर ने कहा कि “मेरे कहने पर घूस लेने का सनाउल्लाह खान का आरोप निराधार है। यह बात सही है कि केआरसी सेंटर के लिए जो पैसा दे रहा था, वह एक बार मिला था। मैंने उससे कहा था कि जब आपके केआरसी का छात्र प्रैक्टिकल में हाजिर नहीं हुआ तो नंबर कैसे मिलेगा? उसके बाद उसने सनाउल्लाह से संपर्क किया।” केआरसी देने के लिए विवि में मानक तय हैं। वीसी के अनुसार, तत्कालीन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने भी सनाउल्लाह की शिकायत की थी कि वह केआरसी देने के नाम पर रकम मांगता है।


