Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट पर बीजेपी ने बंपर जीत हासिल की है। बीजेपी उम्मीदवार 1 लाख से भी ज्यादा वोटों से चुनाव जीत गए। वहीं टीएमसी उम्मीदवार चौथे नंबर पर रहे। हालांकि चुनाव से पहले ही टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने खुद को इस चुनाव से अलग कर दिया था। अब ममता बनर्जी का रिएक्शन भी सामने आ गया है। इसके साथ ही उन्होंने कई अन्य मुद्दों पर भी बीजेपी को घेरा। उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पर बोलते हुए दावा किया कि मतगणना के दौरान ईवीएम में गड़बड़ी की गई और कई सीटों पर वोटों की लूट हुई। ममता का कहना है कि इसी वजह से उन्हें काउंटिंग सेंटर से बाहर कर दिया गया।
कर्मों का फल भुगतना पड़ेगा- ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने कहा कि करीब 150 सीटों पर नतीजों में हेरफेर किया गया। उनके मुताबिक अगर ऐसा नहीं होता तो तृणमूल कांग्रेस आसानी से 220 से 230 सीटें जीत सकती थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विपक्ष ने सच में जनता का भरोसा जीतकर सत्ता हासिल की है, तो फिर राज्य में डर और तनाव का माहौल क्यों दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम आने के बाद कई इलाकों में हिंसा, लूटपाट और धमकियों का दौर शुरू हो गया। ममता ने कहा कि कुछ लोग बाइक रैलियां निकालकर लोगों को डराने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी दफ्तरों और नेताओं के घरों को निशाना बनाया जा रहा है। जब आप दिल्ली में सत्ता से गिरेंगे, तो आपको अपने कर्मों का फल भुगतना पड़ेगा। पूर्व सीएम ने कहा कि हम उस दिन का इंतजार कर रहे हैं।
प्रशासन और पुलिस पर भी किया हमला
प्रशासन और पुलिस पर भी ममता बनर्जी ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पुलिस सब कुछ देख रही है, लेकिन कार्रवाई नहीं कर रही। ममता ने कहा कि उन्होंने खुद लंबे समय तक प्रशासन चलाया है और कभी भी पुलिस को गलत तरीके से काम करने के लिए नहीं कहा। अपने शब्दों में उन्होंने कहा, ‘आज रक्षक ही भक्षक बन गया है।’
पार्टी दफ्तरों पर कब्जा किया गया
ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनके कई निर्वाचित पार्षदों को लगातार गिरफ्तार किया जा रहा है। इतना ही नहीं, निगम पार्षदों के घरों पर कब्जा करने की कोशिशें भी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्यभर में 2500 से ज्यादा पार्टी दफ्तरों पर कब्जा कर लिया गया और यह सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ। उन्होंने पार्टी दफ्तर पर बुलडोजर चलाने को भी गलत बताया। ममता का आरोप है कि जब उनके नेता पुलिस को शिकायत देते हैं, तब जवाब मिलता है कि ऊपर से निर्देश हैं। अपने बयान में ममता बनर्जी ने न्यायपालिका से भी हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने कहा कि अदालतें संविधान और कानून की असली रक्षक हैं और उन्हें उम्मीद है कि न्याय मिलेगा।


