बांदा में आजीवन कारावास की सजा काट चुके एक व्यक्ति ने 13 वर्षीय दिव्यांग मूक-बधिर किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म किया। यह घटना बबेरू कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में शाम को हुई। पुलिस ने किशोरी की मां की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, बबेरू कोतवाली क्षेत्र निवासी 42 वर्षीय तोप सिंह उर्फ रावेंद्र सिंह, जो आजीवन कारावास का सजायाफ्ता है, ने शाम करीब छह बजे किशोरी को डरा-धमकाकर अपने घर ले गया। उसने किशोरी को एक कमरे में बंद कर उसके साथ दुष्कर्म किया। जब किशोरी काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो उसकी मां और परिजनों ने उसे खोजना शुरू किया। मोहल्लेवासियों से पता चला कि तोप सिंह उसे अपने घर ले गया है। परिजन जब तोप सिंह के घर पहुंचे, तो उसने दरवाजा नहीं खोला और उसके परिजनों ने भी लड़की के वहां होने से इनकार किया। इसके बाद परिजन और किशोरी की मां पुलिस चौकी पहुंचे और मामले की जानकारी दी। इसी बीच, आरोपी तोप सिंह ने किशोरी को जान से मारने की धमकी देकर छोड़ दिया और कहा कि यदि उसने किसी को बताया तो वह उसे मार देगा। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर सीओ सौरभ सिंह और कोतवाली प्रभारी राजेंद्र कुमार राजावत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वे पीड़िता और उसकी मां को कोतवाली लाए। मां की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपहरण, बंधक बनाने और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, जेल से छूटने के बाद आरोपी तोप सिंह ने गांव में अपना खौफ कायम कर रखा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उसके डर से आसपास के दुकानदार भी अपनी दुकानें नहीं खोलते। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ 2008 में SC/ST एक्ट, 2011 में हत्या, 2011 में लाइसेंस, 2022 में जुआ, 2023 में चोरी और 2026 में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज है।


