कानपुर देहात। आगामी 1 अप्रैल से शुरू होने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान से पहले मैथा ब्लॉक मुख्यालय पर सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई है। परिसर में फैली गंदगी, उगी झाड़ियां और बदहाल शौचालय अभियान की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। ब्लॉक परिसर में कर्मचारी आवासों के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जगह-जगह बड़ी-बड़ी घास और खरपतवार उग आए हैं, जो मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बना रहे हैं। शौचालयों के टूटे टैंक और उनकी बदहाल स्थिति स्वच्छता व्यवस्था की खराब हालत को स्पष्ट रूप से दर्शा रही है। एक ओर जहां ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई और झाड़ी कटाई के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ब्लॉक मुख्यालय ही इन निर्देशों का पालन करने में विफल दिख रहा है। यहां आने वाले कर्मचारी, फरियादी और ग्रामीण गंदगी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। विकासखंड परिसर में स्थित कर्मचारी आवासों और भंडार गृहों के आसपास भी स्थिति बेहद खराब है। कर्मचारी आवासों के पीछे कंटीली झाड़ियां और खरपतवार उग आए हैं, जबकि शौचालय गंदगी से भरे पड़े हैं। क्षतिग्रस्त टैंक और जलभराव जैसी समस्याएं मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बन रही हैं। यह उल्लेखनीय है कि ब्लॉक मुख्यालय से ही सफाई कर्मियों की निगरानी और संचालन किया जाता है। इसके बावजूद यहां की सफाई व्यवस्था बदहाल है, जो जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) मैथा संजू सिंह ने बताया कि एडीओ पंचायत से बात कर जल्द ही ब्लॉक परिसर में सफाई अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत आवश्यक कार्य सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। फिलहाल, यह सवाल बना हुआ है कि जब ब्लॉक मुख्यालय ही स्वच्छता मानकों का पालन नहीं कर पा रहा है, तो ग्राम स्तर पर संचारी रोग नियंत्रण अभियान कितना प्रभावी होगा।


