जहानाबाद में पुस्तकालयाध्यक्ष अभ्यर्थियों ने बिहार विद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष पात्रता परीक्षा (LET) की विज्ञप्ति जारी करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। इसी क्रम में शनिवार को अभ्यर्थी जहानाबाद से पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास के लिए पैदल मार्च पर निकले हैं। वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलकर अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपेंगे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि वर्तमान और पूर्ववर्ती सरकारों ने वर्षों से विद्यालयों में पुस्तकालयाध्यक्षों की बहाली नहीं निकाली है। इससे लाखों योग्य और प्रशिक्षित युवा बेरोजगार बैठे हैं। छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से लंबित होने के कारण उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। पैदल मार्च के दौरान छात्रों ने बताया कि आज के समय में लोग छोटी दूरी के लिए भी वाहनों का उपयोग करते हैं, लेकिन रोजगार और संसाधनों की कमी के बावजूद वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए पैदल ही पटना जा रहे हैं। अभ्यर्थियों ने जानकारी दी कि वर्ष 2008 में लागू बिहार पुस्तकालयाध्यक्ष अधिनियम के तहत माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पुस्तकालयाध्यक्षों की नियुक्ति अनिवार्य की गई थी। हालांकि, लगभग 18 वर्षों बाद भी नियमित बहाली प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। छात्रों ने नई शिक्षा नीति 2020 का हवाला देते हुए कहा कि विद्यालयों में पुस्तकालय और पुस्तकालयाध्यक्ष की भूमिका शिक्षा व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सरकार से जल्द LET परीक्षा की विज्ञप्ति जारी कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। जहानाबाद में पुस्तकालयाध्यक्ष अभ्यर्थियों ने बिहार विद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष पात्रता परीक्षा (LET) की विज्ञप्ति जारी करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। इसी क्रम में शनिवार को अभ्यर्थी जहानाबाद से पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास के लिए पैदल मार्च पर निकले हैं। वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलकर अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपेंगे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि वर्तमान और पूर्ववर्ती सरकारों ने वर्षों से विद्यालयों में पुस्तकालयाध्यक्षों की बहाली नहीं निकाली है। इससे लाखों योग्य और प्रशिक्षित युवा बेरोजगार बैठे हैं। छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से लंबित होने के कारण उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। पैदल मार्च के दौरान छात्रों ने बताया कि आज के समय में लोग छोटी दूरी के लिए भी वाहनों का उपयोग करते हैं, लेकिन रोजगार और संसाधनों की कमी के बावजूद वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए पैदल ही पटना जा रहे हैं। अभ्यर्थियों ने जानकारी दी कि वर्ष 2008 में लागू बिहार पुस्तकालयाध्यक्ष अधिनियम के तहत माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पुस्तकालयाध्यक्षों की नियुक्ति अनिवार्य की गई थी। हालांकि, लगभग 18 वर्षों बाद भी नियमित बहाली प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। छात्रों ने नई शिक्षा नीति 2020 का हवाला देते हुए कहा कि विद्यालयों में पुस्तकालय और पुस्तकालयाध्यक्ष की भूमिका शिक्षा व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सरकार से जल्द LET परीक्षा की विज्ञप्ति जारी कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।


