खगड़िया के मानसी-सहरसा रेलखंड पर स्थित फनगो हाल्ट रेलवे को सर्वाधिक राजस्व देने वाले स्टेशनों में से एक है। इसके बावजूद, यह हाल्ट 14 जुलाई 2002 को स्थापित होने के बाद से ही बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। यात्रियों को शेड, पेयजल और रात में पर्याप्त रोशनी जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। प्रतिदिन सैकड़ों यात्री इस हाल्ट से यात्रा करते हैं, जिससे रेलवे को अच्छा-खासा राजस्व मिलता है। हालांकि, यहां सुविधाओं के नाम पर सिर्फ औपचारिकता है। बरसात में यात्री खुले में ट्रेन का इंतजार करते हैं, जबकि गर्मी और सर्दी में भी उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है। प्लेटफार्म का छोटा और जर्जर होना भी यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए चढ़ने-उतरने में बड़ी समस्या पैदा करता है। स्थानीय ग्रामीण दिनेश साह ने बताया कि फनगो हाल्ट से रेलवे को अच्छी आय होती है, लेकिन सुविधाओं की स्थिति दयनीय है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और रेलवे अधिकारियों से कई बार मांग की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। श्यामसुंदर शर्मा ने प्लेटफॉर्म के छोटे होने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को होने वाली परेशानी का जिक्र किया। उन्होंने रात में रोशनी के अभाव के कारण असामाजिक तत्वों के डर की भी बात कही। बुच्चा पंचायत के सरपंच देवन सिंह ने फनगो हाल्ट को क्षेत्र के कई गांवों के लिए जीवनरेखा बताया। उन्होंने रेलवे प्रशासन से यात्री शेड, शौचालय, पेयजल, हाई मास्ट लाइट और प्लेटफॉर्म विस्तार की मांग की है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आवश्यक सुविधाएं बहाल नहीं की गईं, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। यह हाल्ट चौथम प्रखंड के फनगो, सरसाबा, गुलरिया, धमारा, श्रीनगर, बुच्चा सहित दर्जनों गांवों के हजारों यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है। खगड़िया के मानसी-सहरसा रेलखंड पर स्थित फनगो हाल्ट रेलवे को सर्वाधिक राजस्व देने वाले स्टेशनों में से एक है। इसके बावजूद, यह हाल्ट 14 जुलाई 2002 को स्थापित होने के बाद से ही बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। यात्रियों को शेड, पेयजल और रात में पर्याप्त रोशनी जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। प्रतिदिन सैकड़ों यात्री इस हाल्ट से यात्रा करते हैं, जिससे रेलवे को अच्छा-खासा राजस्व मिलता है। हालांकि, यहां सुविधाओं के नाम पर सिर्फ औपचारिकता है। बरसात में यात्री खुले में ट्रेन का इंतजार करते हैं, जबकि गर्मी और सर्दी में भी उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है। प्लेटफार्म का छोटा और जर्जर होना भी यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए चढ़ने-उतरने में बड़ी समस्या पैदा करता है। स्थानीय ग्रामीण दिनेश साह ने बताया कि फनगो हाल्ट से रेलवे को अच्छी आय होती है, लेकिन सुविधाओं की स्थिति दयनीय है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और रेलवे अधिकारियों से कई बार मांग की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। श्यामसुंदर शर्मा ने प्लेटफॉर्म के छोटे होने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को होने वाली परेशानी का जिक्र किया। उन्होंने रात में रोशनी के अभाव के कारण असामाजिक तत्वों के डर की भी बात कही। बुच्चा पंचायत के सरपंच देवन सिंह ने फनगो हाल्ट को क्षेत्र के कई गांवों के लिए जीवनरेखा बताया। उन्होंने रेलवे प्रशासन से यात्री शेड, शौचालय, पेयजल, हाई मास्ट लाइट और प्लेटफॉर्म विस्तार की मांग की है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आवश्यक सुविधाएं बहाल नहीं की गईं, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। यह हाल्ट चौथम प्रखंड के फनगो, सरसाबा, गुलरिया, धमारा, श्रीनगर, बुच्चा सहित दर्जनों गांवों के हजारों यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है।


