मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने सड़क निर्माण और चौड़ीकरण में आ रही बाधाओं को दूर करने का निर्देश दिया है। उन्होंने पथ निर्माण प्रमंडल और ग्रामीण कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंताओं को विद्युत पोल और पेड़ों जैसे अवरोधों को हटाने के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजने को कहा है। यह निर्देश मधुबनी, झंझारपुर, फुलपरास, बेनीपट्टी और जयनगर प्रमंडलों के लिए जारी किया गया है। जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान पाया कि मधुबनी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नई सड़कों का निर्माण और चौड़ीकरण कार्य प्रगति पर है। हालांकि, कई सड़कों के बीच में या उनके संरेखण (एलायनमेंट) में विद्युत पोल और पेड़ होने के कारण निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। इस वजह से परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी नहीं हो पा रही हैं। शर्मा ने निर्देश दिया है कि यदि किसी सड़क निर्माण या चौड़ीकरण योजना में विद्युत पोल या पेड़ों के कारण बाधा आ रही है, तो उसकी सूची संबंधित विद्युत कार्यपालक अभियंता और वन विभाग के अधिकारियों को भेजी जाए। उनसे इन अवरोधों को तुरंत हटाने का अनुरोध किया जाए। साथ ही, इस कार्रवाई की एक प्रति जिलाधिकारी को भी उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिला मॉनिटरिंग सेल के माध्यम से इसकी निगरानी की जा सके। मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने सड़क निर्माण और चौड़ीकरण में आ रही बाधाओं को दूर करने का निर्देश दिया है। उन्होंने पथ निर्माण प्रमंडल और ग्रामीण कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंताओं को विद्युत पोल और पेड़ों जैसे अवरोधों को हटाने के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजने को कहा है। यह निर्देश मधुबनी, झंझारपुर, फुलपरास, बेनीपट्टी और जयनगर प्रमंडलों के लिए जारी किया गया है। जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान पाया कि मधुबनी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नई सड़कों का निर्माण और चौड़ीकरण कार्य प्रगति पर है। हालांकि, कई सड़कों के बीच में या उनके संरेखण (एलायनमेंट) में विद्युत पोल और पेड़ होने के कारण निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। इस वजह से परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी नहीं हो पा रही हैं। शर्मा ने निर्देश दिया है कि यदि किसी सड़क निर्माण या चौड़ीकरण योजना में विद्युत पोल या पेड़ों के कारण बाधा आ रही है, तो उसकी सूची संबंधित विद्युत कार्यपालक अभियंता और वन विभाग के अधिकारियों को भेजी जाए। उनसे इन अवरोधों को तुरंत हटाने का अनुरोध किया जाए। साथ ही, इस कार्रवाई की एक प्रति जिलाधिकारी को भी उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिला मॉनिटरिंग सेल के माध्यम से इसकी निगरानी की जा सके।


