जींद जिले के सफीदों थाना क्षेत्र निवासी एक महिला को शामली (UP) में दहेज के लालच में प्रताड़ित करने, रस्सी से गला घोंटकर जान से मारने की कोशिश करने और पेट पर लातों से हमला कर गर्भपात कराने का मामला सामने आया है। विवाहिता ने अपने पति, सास-ससुर, जेठ-जेठानी, ननद-ननदोई और पति की रखेल सहित आठ लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले में छानबीन में लगी है। सफीदों क्षेत्र के गांव रामपुरा की रहने वाली विवाहिता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसकी शादी उत्तर प्रदेश के शामली जिले के गांव डेरा लक्ष्मीपुरा चौसाना कादीम के रहने वाले सुखदेव सिंह से 25 फरवरी 2018 को आनंद कारज सिख रीति-रिवाज अनुसार हुई थी। शादी में उसके माता-पिता ने अपनी हैसियत से ज्यादा खर्च किया था। शादी में एक आल्टो कार, सोने-चांदी के जेवरात, घर का फर्नीचर, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक सामान दिया था, जिसमें लगभग 25 लाख रुपए खर्च हुए थे। शादी के कुछ दिनों बाद से आरोपियों ने उसे दहेज के लालच में परेशान करना शुरू कर दिया और ताने देते थे कि उसके माता-पिता ने उनकी हैसियत अनुसार दान-दहेज नहीं दिया है। आरोपियों ने मांग की कि उसे अपने मायके से बड़ी कार व नकद 5 लाख रुपए लाने होंगे, नहीं तो उसे घर में नहीं रखेंगे। जब उसने कहा कि उसके पिता पहले ही शादी में अपनी हैसियत से ज्यादा खर्च कर चुके हैं, तो दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर आरोपियों ने नित रोज उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पति ने रखेल को घर में रखा महिला ने बताया कि 7 अप्रैल 2019 को उसने एक लड़की को जन्म दिया। लड़की के जन्म के बाद उस पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। उसकी ननद सुखजीत कौर लड़की के जन्म पर बार-बार ताने मारती थी। उसका पति बार-बार कहता था कि वह उसे पसंद नहीं करता है और जल्द ही उससे छुटकारा पाकर दूसरी शादी करेगा। उसका पति दूसरी औरतों के साथ देर रात तक मोबाइल फोन पर बात करता था। जब उसने इस बारे में शिकायत की तो आरोपियों ने उल्टा उसके पति का साथ दिया। दिनांक 10 नवंबर 2025 को उसका पति एक परस्त्री सरनदीप कौर उर्फ सरन को घर ले आया और डेरे पर दूसरे घर में रहने लगा। जब उसने इस बारे में विरोध किया तो सभी आरोपियों ने उसके साथ लड़ाई-झगड़ा किया और बार-बार धमकी दी कि घर छोड़कर चली जाए, नहीं तो उसे एक दिन जान से मार देंगे। रस्सी से गला घोंटने की कोशिश विवाहिता ने बताया कि 10 दिसंबर 2025 को उसकी ननद व ननदोई उसकी सुसराल आए हुए थे। सुबह लगभग 11 बजे जब वह घर पर घरेलू काम कर रही थी, तो सभी आरोपियों ने मिलकर एक साथ उस पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। उसके पति और आरोपी सरनदीप कौर ने रस्सी उसके गले में डालकर फंदा बनाकर गला घोंटने की कोशिश की। उसकी ननद, सास, पति और रखेल ने उसे बालों से पकड़ लिया। अन्य आरोपियों ने उसे पकड़कर लात-घूंसों से हमला किया। उसके पति व ससुर ने उसके पेट पर कई बार लातों से हमला किया, जिसके कारण उसे कई बार खून की उल्टी भी आई और उसके गर्भ में पल रहे गर्भस्थ शिशु की मृत्यु हो गई। किसी प्रकार उसने अपने आप को छुड़ाकर एक कमरे में बंद कर अपना बचाव किया और सहायता के लिए अपने भाई के पास फोन किया। अस्पताल में कराया इलाज, एमएलआर तैयार पीड़िता ने बताया कि देर रात होने व डॉक्टरों की हड़ताल होने के कारण 10 दिसंबर 2025 को उसका मेडिकल नहीं हो सका। दिनांक 11 दिसंबर 2025 को वह अपने भाई के साथ सिविल अस्पताल सफीदों अपने इलाज के लिए गई, जहां पर उसका इलाज कर एमएलआर तैयार की और अगामी इलाज व अल्ट्रासाउंड के लिए हायर मेडिकल सेंटर के लिए रेफर कर दिया। पुलिस ने दर्ज किया मामला थाना सदर सफीदों पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आज 6 मई 2026 को धारा 85, 351(2), 316(2), 115(2), 3(5), 89 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है।


