गोंडा जिले में ड्रग्स विभाग और पुलिस टीम ने नोएडा से पहुंची कोडिन सिरप की एक बड़ी खेप जब्त की है यह खेप 132 पेटियों में थी, जिसमें 19,790 शीशियां शामिल थीं जब्त सिरप की कीमत 12.46 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई शनिवार बीती रात महादेवा क्रॉसिंग के पास एक कोरियार सेंटर पर की गई है। जहां सूचना मिलने पर गोंडा ड्रग इंस्पेक्टर सुमित वर्मा और नगर कोतवाली पुलिस ने मौके पर छापेमारी कर सिरप को जब्त कर लिया। फिलहाल सिरप को कोरियर सेंटर मालिक की सुपुर्दगी में रखा गया है। यह भारी मात्रा में कोडिन सिरप गोंडा के भगत राज कॉम्प्लेक्स, आर्यनगर स्थित गायत्री फार्मा द्वारा मंगाई गई थी। ड्रग्स विभाग ने गायत्री फार्मा के खिलाफ फॉर्म-15 के तहत कार्रवाई करते हुए सिरप की खरीद और बिक्री का विस्तृत विवरण मांगा है। जब तक विवरण उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक फार्मा की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इस कार्रवाई के बाद से आर्यनगर स्थित गायत्री फार्मा बंद है और इसके मालिक सुधाकर दुबे फरार बताए जा रहे हैं। जब्त की गई कोडिन सिरप नोएडा के सेक्टर 58 स्थित लीलाबको रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड से 12,46,770 रुपये में मंगाई गई थी। शनिवार रात जब यह खेप पहुंची, तो गायत्री फार्मा के मालिक सुधाकर दुबे इसे लेने के लिए मौके पर मौजूद थे, तभी ड्रग इंस्पेक्टर और पुलिस टीम ने कार्रवाई की। यह कोरियार सेंटर कानपुर के एक व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा रहा है और इस पर कोई बोर्ड भी नहीं लगा है। कोडिन सिरप की खुली बाजार में बिक्री प्रतिबंधित है। इसे केवल डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही बेचा जा सकता है। जब्त की गई सिरप का नाम ALTOREX CD SYRUP है। अक्सर लोग कोडिन सिरप का उपयोग इलाज के बजाय नशे के लिए करते हैं। ड्रग इंस्पेक्टर सुमित वर्मा ने बताया कि लीगल तरीके से यह मंगाई गई थी जानकारी मिलने पर छापेमारी करके इसे जब्त कर लिया गया। फॉर्म 15 के तहत कार्रवाई करके संबंधित गायत्री फार्मा को नोटिस जारी करके खरीद और बिक्री को लेकर के डिटेल मांगी गई है। उनकी बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई है। मामले से संबंधित पूरी जानकारी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि खरीद-बिक्री से संबंधित कोई संतोषजनक और ठोस जवाब फर्म की ओर से नहीं दिया जाता है, तो विभागीय नियमों के तहत उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि यह दवा केवल डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन पर ही दी जाती है और खुले बाजार में इसकी बिक्री प्रतिबंधित है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि फर्म द्वारा बड़ी मात्रा में कोडीन सिरप मंगाने के बाद उसकी बिक्री कहां-कहां की जा रही थी और किन-किन लोगों को इसकी आपूर्ति की गई।


