गाड़ी के बकाया रुपए देने के नाम पर फ्रॉड:पेट्रोल पंप संचालकों ने 1.98 लाख जमा करवाए,फिर वर्कशॉप संचालक के अकाउंट पर साइबर शिकायत दर्ज करवाई

गाड़ी के बकाया रुपए देने के नाम पर फ्रॉड:पेट्रोल पंप संचालकों ने 1.98 लाख जमा करवाए,फिर वर्कशॉप संचालक के अकाउंट पर साइबर शिकायत दर्ज करवाई

सीकर के उद्योग नगर थाना इलाके में गाड़ी के बकाया रुपए देने के नाम पर वर्कशॉप संचालक के साथ फ्रॉड का मामला सामने आया है। पेट्रोल पंप संचालकों ने अकाउंट में 1.98 लाख रुपए वर्कशॉप संचालक के अकाउंट में जमा करवा दिए। इसके बाद साइबर की शिकायत दर्ज करवा दी। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। रानोली निवासी ताराचंद यादव ने उद्योग नगर पुलिस थाने में शिकायत देकर बताया कि उन्होंने जयपुर-झुंझुनूं बाईपास पर शिव शक्ति मारुति वर्कशॉप के नाम से अपना ऑफिस कर रखा है। जिसके पास ही अविनाश ओला और सुरेश ओला ने एसके इंडियन ऑयल के नाम से पेट्रोल पंप संचालित कर रखा है। इस पेट्रोल पंप पर ताराचंद यादव आते जाते रहते थे। अविनाश और सुरेश भी ताराचंद के ऑफिस पर आते रहते थे। दोनों अपनी और अपने परिचितों की गाड़ी भी ताराचंद यादव के यहां ठीक करवाते थे। इसके चलते ताराचंद यादव के दोनों से अच्छे संपर्क हो गए थे। अविनाश और सुरेश ने अपने एक रिश्तेदार की स्कॉर्पियो गाड़ी का काम करवाया था। जिसके 20 हजार रुपए बकाया चल रहे थे। वह देने के लिए अविनाश ने ताराचंद यादव से बैंक डिटेल मांगी। ताराचंद यादव ने अपनी बैंक डिटेल अविनाश को दे दी। इसके बाद 19 अप्रैल को ताराचंद यादव के बैंक अकाउंट में 99500 और 99000 क्रेडिट हुए। अविनाश ने वह रुपए ताराचंद यादव के अकाउंट में जमा होने का स्क्रीनशॉट भेजा। इसके बाद अविनाश ने अपने पेट्रोल पंप के बैंक अकाउंट की डिटेल भेजी और ताराचंद यादव को कहा कि रुपए इसमें ट्रांसफर कर दो,तुम्हारे 20 हजार रुपए मैं कुछ दिन में दे दूंगा। अविनाश के कहने पर ताराचंद यादव ने पहले 500 रुपए और फिर 1.48 लाख रुपए पेट्रोल पंप के अकाउंट में डाल दिए। शेष 50 हजार रुपए नगद दे दिए। 28 अप्रैल को ताराचंद यादव का बैंक अकाउंट फ्रिज हो गया। उसमें से 30 हजार रुपए कट गए और 1.68 लाख रुपए माइनस में बताए गए । जब ताराचंद यादव ने इस बारे में बैंक में मालूम किया तो पता चला कि उनके बैंक अकाउंट में 19 अप्रैल को जो रुपए क्रेडिट हुए उन पर साइबर की रिपोर्ट दर्ज हुई है। उस राशि को वापस वेंडर के अकाउंट में ट्रांसफर किया गया है। जब इस बारे में ताराचंद यादव ने अविनाश और सुरेश से बात की तो उन्होंने रुपए देने से साफ इनकार कर दिया और गाड़ी के बकाया 20 हजार रुपए भी नहीं देने की बात कही। दोनों ने कहा कि हमें तो रुपए लेने थे जो हमने ले लिए। अब तुम्हें कोई भी पैसा नहीं मिलेगा। इस तरह से अविनाश और सुरेश ने ताराचंद यादव के अकाउंट में 1 लाख 98 हजार 500 रुपए जमा करवाए और फिर उन पर साइबर की शिकायत दर्ज करवाकर वापस ले लिए। फिलहाल उद्योग नगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

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