किशनगंज में 100KM/घंटे की रफ्तार से चली आंधी:पेड़ उखड़े-बिजली ठप, फसलों को नुकसान; किसानों ने की मुआवजे की मांग

किशनगंज में 100KM/घंटे की रफ्तार से चली आंधी:पेड़ उखड़े-बिजली ठप, फसलों को नुकसान; किसानों ने की मुआवजे की मांग

किशनगंज जिले में पिछले 22-24 घंटों के दौरान आई तेज आंधी ने व्यापक तबाही मचाई है। मौसम में अचानक बदलाव के साथ हवाओं की रफ्तार लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। आंधी इतनी भीषण थी कि कई स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर गिर गए। कई घरों के टीन शेड हवा में उड़ गए, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के धर्मगंज, पश्चिम पल्ली, खगड़ा, रेलवे कॉलोनी, रूईधासा और वार्ड संख्या 11 सहित कई मोहल्लों में चक्रवाती तूफान का असर देखा गया। देखें,मौके से आई तस्वीरें… बिजली व्यवस्था पूरी तरह धड़ाम रायपुर गांव स्थित काली मंदिर प्रांगण में लगा पीपल का पेड़ जड़ से उखड़ गया, हालांकि मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। धरमगंज शिव मंदिर में भी एक पीपल का पेड़ और उसकी दीवार गिर गई। तेज आंधी के कारण बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई; कई जगहों पर बिजली के तार टूट गए और खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे रात से ही बिजली आपूर्ति बाधित है। मक्का और आम की फसल को नुकसान किसानों पर भी इस आंधी का गहरा असर पड़ा है। मक्का और आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं, जिससे सैकड़ों किसानों की चिंता बढ़ गई है। प्रभावित किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए हैं, जिससे मौसम अभी भी अस्थिर बना हुआ है। किशनगंज जिले में पिछले 22-24 घंटों के दौरान आई तेज आंधी ने व्यापक तबाही मचाई है। मौसम में अचानक बदलाव के साथ हवाओं की रफ्तार लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। आंधी इतनी भीषण थी कि कई स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर गिर गए। कई घरों के टीन शेड हवा में उड़ गए, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के धर्मगंज, पश्चिम पल्ली, खगड़ा, रेलवे कॉलोनी, रूईधासा और वार्ड संख्या 11 सहित कई मोहल्लों में चक्रवाती तूफान का असर देखा गया। देखें,मौके से आई तस्वीरें… बिजली व्यवस्था पूरी तरह धड़ाम रायपुर गांव स्थित काली मंदिर प्रांगण में लगा पीपल का पेड़ जड़ से उखड़ गया, हालांकि मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। धरमगंज शिव मंदिर में भी एक पीपल का पेड़ और उसकी दीवार गिर गई। तेज आंधी के कारण बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई; कई जगहों पर बिजली के तार टूट गए और खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे रात से ही बिजली आपूर्ति बाधित है। मक्का और आम की फसल को नुकसान किसानों पर भी इस आंधी का गहरा असर पड़ा है। मक्का और आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं, जिससे सैकड़ों किसानों की चिंता बढ़ गई है। प्रभावित किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए हैं, जिससे मौसम अभी भी अस्थिर बना हुआ है।  

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