प्रयागराज के ललित नगर रेलवे कॉलोनी में करंट लगने से आरपीएफ के हेड कांस्टेबल श्रवण कुमार की मौत के मामले में रेल प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रथमदृष्टया लापरवाही मानते हुए सीनियर सेक्शन इंजीनियर संजीत को निलंबित कर दिया गया है। विस्तृत जांच के लिए दो विभागों की संयुक्त टीम भी बनी रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई शुरुआती जांच के आधार पर की गई है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है, जिसके लिए रेलवे के दो विभागों की संयुक्त टीम बनाई गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ठेकेदार और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका भी तय की जाएगी। खुले छोड़ दिए थे बिजली के तार 23 और 24 अप्रैल को श्रवण कुमार के सरकारी आवास पर बिजली कनेक्शन ठीक करने का काम कराया गया था। आरोप है कि काम पूरा किए बिना ही कर्मचारी मौके से चले गए और बिजली के तार खुले छोड़ दिए। इसी लापरवाही के चलते करंट टिनशेड में उतर आया और आसपास के हिस्से में फैल गया। ऐसे हुआ हादसा 24 अप्रैल की रात नहाने के बाद श्रवण कुमार गीले कपड़े सुखाने के लिए बाहर पहुंचे। जैसे ही उन्होंने कपड़े डालने के लिए तार को छुआ, वे करंट की चपेट में आ गए। मौके पर ही उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें बचाने की कोशिश में उनका 15 वर्षीय बेटा भी करंट से झुलस गया। बेटे का चल रहा है इलाज घटना के दौरान आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पड़ोसी हरिकेश दुबे ने उन्हें सीपीआर देकर बचाने का प्रयास किया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने श्रवण कुमार को मृत घोषित कर दिया। बेटे का इलाज चल रहा है। रेलवे अफसर बोले प्रयागराज मंडल के डीआरएम रजनीश अग्रवाल ने कहा है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घटना के बाद कॉलोनी में सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी गई है।


