गोरखपुर में दोपहर में 40 डिग्री पहुंचा पारा:हवाओं की धीमी रफ्तार से बढ़ी उमस, पसीने से परेशान हुए लोग

गोरखपुर में दोपहर में 40 डिग्री पहुंचा पारा:हवाओं की धीमी रफ्तार से बढ़ी उमस, पसीने से परेशान हुए लोग

गोरखपुर में लगातार बढ़ते तापमान और चिपचिपाहट भरी गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। शुक्रवार की सुबह से ही निकली तेज धूप भारी परेशानी का कारण बन गई। बाहर निकलने वाले लोग खुद को दुपट्टा छाता और तमाम चीजों से ढक कर निकलते नजर आए। वहीं राहत के लिए गन्ने का जूस, शिकंजी, आम पना, आइसक्रीम और अन्य ठंडी पेय पदार्थों का सहारा लेते नजर आए। दोपहर के समय अधिकम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 15 से 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही धीमी हवाओं की वजह से उमस बरकरार है। मौसम वैज्ञानिक कैलाश पांडेय ने अगले कुछ दिनों तक मौसम में ऐसे ही तपिश बने रहने की आशंका जताई है। 27 मई को बारिश के आसार है जिससे गर्मी से काफी हद तक राहत मिलेगी। देखिए तस्वीरें… अगले एक हफ्ते तक नहीं मिलेगी राहत मौसम विभाग के मुताबिक गोरखपुर और आसपास के इलाकों में अगले 5 से 7 दिनों तक मौसम गर्म और उमस भरा बना रहेगा। लगातार बढ़ते तापमान और तेज धूप के कारण दोपहर में लू जैसे हालात बनने की संभावना है। अनुमान है कि आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 41 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। रात के समय भी लोगों को गर्मी से ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। न्यूनतम तापमान 26 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। हवा में नमी ज्यादा होने के कारण रात में भी उमस और बेचैनी बनी रहेगी। कई इलाकों में देर रात तक लोग गर्मी से परेशान दिखाई दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय बढ़ी हुई ह्यूमिडिटी के कारण गर्मी सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा महसूस हो रही है। सुबह से ही उमस लोगों को परेशान कर रही है। पंखे और कूलर भी लोगों को पूरी राहत नहीं दे पा रहे हैं, जबकि दोपहर के समय घरों के अंदर भी गर्मी का असर बना हुआ है। 27 मई के बाद बदल सकता है मौसम मौसम विभाग ने 27 मई के बाद मौसम में हल्के बदलाव के संकेत दिए हैं। कुछ इलाकों में बादल छाने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इससे तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है और लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार मानसून दक्षिण भारत में सामान्य समय से पहले पहुंच सकता है। इसका असर पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि जून के पहले या दूसरे हफ्ते तक मानसून पूर्वी यूपी में दस्तक दे सकता है।

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