बरेली के महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शुक्रवार को ‘नो व्हीकल डे’ का आयोजन किया गया। इस पहल के तहत परिसर को वाहनों के शोर और प्रदूषण से मुक्त रखा गया, जिससे कैंपस में शांति और स्वच्छ वातावरण का अनुभव हुआ। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुबह से ही मुख्य गेट पर निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी। छात्र-छात्राएं, शिक्षक और कर्मचारी अपने वाहन बाहर पार्क कर पैदल या ई-कार्ट का उपयोग करके अपने विभागों तक पहुंचे। इस अभियान को विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों का भी समर्थन मिला। कुल सचिव हरीश चंद और परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह सहित कई अधिकारी पैदल ही अपने कार्यालय पहुंचे, जिससे इस पहल को और बल मिला। ‘नो व्हीकल डे’ का असर पूरे परिसर में साफ तरीके से दिखाई दिया। वाहनों की अनुपस्थिति से शोर और वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आई। विद्यार्थियों ने इस शांत और सकारात्मक माहौल को तनाव कम करने वाला बताया। कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने इस अवसर पर ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने सभी से सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन, कार-पूलिंग या पैदल चलने की आदत अपनाने की अपील की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस आयोजन को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानकर ‘नई जीवनशैली’ की शुरुआत बताया। इसके साथ ही एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री पर रखने, सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने, वर्चुअल मीटिंग्स करने और खाद्य पदार्थों की बर्बादी रोकने जैसे सुझाव भी दिए गए। ‘नो व्हीकल डे’ ने यह संदेश दिया कि छोटे-छोटे बदलाव भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।


