एनसीपी की बैठक में हाई-वोल्टेज ड्रामा! भुजबल और तटकरे में बहस, मीटिंग छोड़ निकले पार्थ पवार?

एनसीपी की बैठक में हाई-वोल्टेज ड्रामा! भुजबल और तटकरे में बहस, मीटिंग छोड़ निकले पार्थ पवार?

महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर इन दिनों तेज हलचल और अंदरूनी खींचतान की चर्चाएं जोरों पर हैं। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के मुंबई स्थित ‘देवगिरी’ बंगले पर मंगलवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक हुई, लेकिन यह बैठक सियासी रणनीति से ज्यादा नेताओं की नाराजगी और टकराव को लेकर चर्चा में आ गई। बैठक में प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की, जिससे पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेद एक बार फिर सामने आ गए।

सुनील तटकरे ने जताई नाराजगी, कहा- कोई साथ नहीं खड़ा होता

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुनील तटकरे ने सुनेत्रा पवार के सामने कहा कि लगातार उन पर और कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल पर निशाना साधा जा रहा है, लेकिन पार्टी का कोई नेता खुलकर उनके समर्थन में नहीं आता। उन्होंने सवाल उठाया कि हर बार आलोचना का केंद्र वही लोग क्यों बनते हैं और क्या पार्टी नेतृत्व इस पर कोई स्पष्ट भूमिका लेने वाला है। तटकरे की इस नाराजगी ने बैठक का माहौल काफी गर्म कर दिया।

बताया जा रहा है कि जब सुनील तटकरे अपनी बात रख रहे थे, उसी दौरान वरिष्ठ नेता व मंत्री छगन भुजबल ने उन्हें रोकने की कोशिश की। हालांकि तटकरे ने साफ कहा कि स्थिति स्पष्ट करने के लिए वह अपनी बात पूरी रखेंगे। जबकि सुनील तटकरे के अपनी बात शुरू करने से ठीक पहले पार्थ पवार अचानक बैठक छोड़कर बाहर निकल गए।

बैठक छोड़कर निकले पार्थ पवार

इसी बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब पार्थ पवार बैठक बीच में ही छोड़कर बाहर निकल गए। तटकरे के बोलने से पहले सांसद पार्थ पवार के अचानक बाहर जाने से पार्टी में अंदरूनी असहमति की चर्चाओं को और बल मिला।

तटकरे को छगन भुजबल ने टोका तो गरमाया माहौल

रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक में छगन भुजबल और सुनील तटकरे के बीच तीखी बहस भी हुई। तटकरे ने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ नेताओं को लगातार टारगेट किया जा रहा है और संकट के समय न तो विधायक और न ही शीर्ष नेतृत्व खुलकर साथ खड़ा दिखाई देता है। इस पर छगन भुजबल ने आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसे मुद्दे सार्वजनिक रूप से या पार्टी की आंतरिक बैठक में उठाने की जरूरत नहीं थी।

प्रफुल्ल पटेल भी रहे नदारद

इस पूरी बैठक में वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल की गैरमौजूदगी ने भी राजनीतिक अटकलों को हवा दी। वह मुंबई में होने पर भी बैठक में नहीं आये थे। हालांकि बाद में प्रफुल्ल पटेल ने सफाई देते हुए कहा कि वह पहले से तय कार्यक्रम के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके और इसकी जानकारी उन्होंने नेतृत्व को पहले ही दे दी थी।

वहीं, छगन भुजबल ने मीडिया से बातचीत में सुनील तटकरे के साथ किसी भी विवाद से इनकार किया और अफवाहें न फैलाने की अपील की। इसके बावजूद भी एनसीपी के भीतर बढ़ती नाराजगी और नेताओं के बीच खुलकर सामने आ रहे मतभेदों ने महाराष्ट्र की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।

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