Bakrid 2026: ईद-उल-अजहा पर नमाज का समय और गाइडलाइन क्या रहेगी? नायब इमाम ने मुरादाबाद में बताया

Bakrid 2026: ईद-उल-अजहा पर नमाज का समय और गाइडलाइन क्या रहेगी? नायब इमाम ने मुरादाबाद में बताया

Bakrid 2026 Eid Ul Adha Namaz Timings Guidelines: यूपी के मुरादाबाद में ईद-उल-अजहा को लेकर प्रशासन और धर्मगुरुओं की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शहर के नायब इमाम मुफ्ती फहाद अली ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि इस बार ईद-उल-अजहा की नमाज सड़कों पर अदा नहीं की जाएगी। उन्होंने लोगों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और त्योहार को शांतिपूर्ण माहौल में मनाने की अपील की है।

मस्जिदों और ईदगाहों में ही होगी नमाज

नायब इमाम ने स्पष्ट किया कि ईद-उल-अजहा की नमाज केवल मस्जिदों और ईदगाहों में ही अदा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़कें आम लोगों के आने-जाने के लिए होती हैं, इसलिए धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान भी यातायात व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी नागरिकों से नियम और व्यवस्था का सम्मान करने की बात कही।

प्रशासन की गाइडलाइन के तहत होगी पूरी व्यवस्था

प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार पूरे जिले में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था पैदा न हो। अधिकारियों ने लोगों से सहयोग करने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

खुले में कुर्बानी पर रोक, साफ-सफाई के निर्देश

ईद-उल-अजहा के मौके पर खुले स्थानों में कुर्बानी करने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि कुर्बानी निर्धारित स्थानों पर ही की जाए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। नगर निगम की टीमें भी लगातार निगरानी करेंगी ताकि शहर में स्वच्छता बनी रहे और किसी को असुविधा का सामना न करना पड़े।

सुबह 7:30 बजे अदा की जाएगी नमाज

जानकारी के अनुसार 28 तारीख को सुबह ठीक 7:30 बजे ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की जाएगी। इसके लिए शहर की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। लोगों से समय से पहुंचने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है।

सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने की सलाह

नायब इमाम मुफ्ती फहाद अली ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से सावधान रहने की भी अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा न करें और केवल प्रशासन व आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें। उन्होंने कहा कि अफवाहें समाज में तनाव पैदा कर सकती हैं, इसलिए सभी लोगों को जिम्मेदारी दिखानी चाहिए।

गंगा-जमुनी तहजीब के साथ मनाया जाएगा त्योहार

मुफ्ती फहाद अली ने कहा कि मुरादाबाद हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे के लिए जाना जाता रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ईद-उल-अजहा का त्योहार प्रेम, सौहार्द और आपसी सम्मान के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि त्योहार का असली संदेश इंसानियत, सहयोग और भाईचारा है, जिसे बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

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