Hantavirus Infection: हाल ही में एक क्रूज शिप पर संदिग्ध हंटावायरस (Hantavirus) संक्रमण के बाद कई लोग बीमार पड़ गए और 3 की मौत भी हो गई। इसके बाद यह सवाल उठ रहा है, क्या यह वायरस कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक है?
रिसर्च क्या कहती है?
Frontiers in Microbiology और Immunology में पब्लिश स्टडीज के मुताबिक, हंटावायरस एक ऐसा वायरस है जो मुख्य रूप से चूहों और छोटे जानवरों के जरिए फैलता है। इसके कुछ प्रकार इतने खतरनाक होते हैं कि इनमें मृत्यु दर 30-40% तक हो सकती है।
क्या है Hantavirus?
पल्मोनोलॉजिस्ट Dr Manoj Kumar Goel बताते हैं, “यह एक दुर्लभ लेकिन गंभीर वायरस है, जो इंसानों में फेफड़ों या किडनी से जुड़ी खतरनाक बीमारी पैदा कर सकता है।”
कैसे फैलता है ये वायरस?
हंटावायरस आम वायरस की तरह इंसान से इंसान में जल्दी नहीं फैलता। यह ज्यादा तर इन तरीकों से फैलता है। चूहों की पॉटी (droppings) या पेशाब के कण सांस के जरिए शरीर में जाना, गंदी सतह छूकर फिर मुंह या नाक को छूना, चूहों के सीधे संपर्क में आना यानी गंदगी और खराब सफाई इसकी सबसे बड़ी वजह है।
शुरुआती लक्षण क्या हैं?
शुरुआत में यह बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द, कमजोरी जैसा लगता है, लेकिन कुछ ही दिनों में हालत बिगड़ सकती है। सांस लेने में दिक्कत, लगातार खांसी, फेफड़ों में पानी भरना, यही स्टेज सबसे खतरनाक होती है।
कितना खतरनाक है ये वायरस?
कुछ मामलों में 40% तक मौत का खतरा हो सकता है। फेफड़ों की फेलियर (Respiratory failure) भी देखने को मिल सकता है। इसमें कोई खास दवा नहीं है, सिर्फ सपोर्टिव इलाज ही हो सकता है। इसलिए समय पर पहचान और इलाज बेहद जरूरी है।
किन लोगों को ज्यादा खतरा?
- जहां चूहे ज्यादा होते हैं
- खेतों या ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले लोग
- गंदे या बंद जगहों में रहने वाले लोग
- ट्रैवल के दौरान असुरक्षित जगहों पर रहने वाले
कैसे करें बचाव?
- चूहों और उनकी गंदगी से दूर रहें
- घर और आसपास साफ-सफाई रखें
- खाने-पीने की चीजें ढककर रखें
- गंदे एरिया साफ करते समय मास्क और ग्लव्स पहनें
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


