जमुई जिले के बरहट प्रखंड स्थित गुरमाह गांव में पहली बार शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू होने वाली है। यह गांव लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्र और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के लिए जाना जाता था। अब हर घर नल-जल योजना के तहत पेयजल आपूर्ति की तैयारी पूरी हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। गर्मी के मौसम में यहां के लोगों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता था। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण नदी या दूरदराज के स्रोतों पर निर्भर थे। महिलाएं और बच्चे प्रतिदिन कई किलोमीटर पैदल चलकर पानी लाने को विवश थे, जिससे उनकी दिनचर्या और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित होते थे। नल-जल योजना के तहत तेजी से कार्य किया
जिला प्रशासन की पहल पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने हर घर नल-जल योजना के तहत तेजी से कार्य किया है। गांव में पाइपलाइन बिछाने का काम लगभग पूरा हो गया है और अधिकांश घरों में नल लगाए जा चुके हैं। विभाग के अनुसार, अगले सप्ताह से जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। बिजली न होने पर भी नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी
इस योजना की एक खास बात यह है कि गांव में बिजली की कमी को देखते हुए इसे सोलर ऊर्जा से संचालित किया जाएगा। इसके लिए सोलर सिस्टम भी स्थापित कर दिया गया है, जिससे बिजली न होने पर भी नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक उन्हें पानी के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। घर तक पानी पहुंचने से उनकी जिंदगी आसान हो जाएगी और स्वच्छ पानी मिलने से स्वास्थ्य में भी सुधार की उम्मीद है। पीएचईडी विभाग के जेई मसरूर आलम ने जानकारी दी कि परियोजना अंतिम चरण में है और बहुत जल्द सभी घरों तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा दिया जाएगा। इस पहल को गुरमाह गांव के विकास की एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। जमुई जिले के बरहट प्रखंड स्थित गुरमाह गांव में पहली बार शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू होने वाली है। यह गांव लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्र और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के लिए जाना जाता था। अब हर घर नल-जल योजना के तहत पेयजल आपूर्ति की तैयारी पूरी हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। गर्मी के मौसम में यहां के लोगों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता था। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण नदी या दूरदराज के स्रोतों पर निर्भर थे। महिलाएं और बच्चे प्रतिदिन कई किलोमीटर पैदल चलकर पानी लाने को विवश थे, जिससे उनकी दिनचर्या और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित होते थे। नल-जल योजना के तहत तेजी से कार्य किया
जिला प्रशासन की पहल पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने हर घर नल-जल योजना के तहत तेजी से कार्य किया है। गांव में पाइपलाइन बिछाने का काम लगभग पूरा हो गया है और अधिकांश घरों में नल लगाए जा चुके हैं। विभाग के अनुसार, अगले सप्ताह से जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। बिजली न होने पर भी नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी
इस योजना की एक खास बात यह है कि गांव में बिजली की कमी को देखते हुए इसे सोलर ऊर्जा से संचालित किया जाएगा। इसके लिए सोलर सिस्टम भी स्थापित कर दिया गया है, जिससे बिजली न होने पर भी नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक उन्हें पानी के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। घर तक पानी पहुंचने से उनकी जिंदगी आसान हो जाएगी और स्वच्छ पानी मिलने से स्वास्थ्य में भी सुधार की उम्मीद है। पीएचईडी विभाग के जेई मसरूर आलम ने जानकारी दी कि परियोजना अंतिम चरण में है और बहुत जल्द सभी घरों तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा दिया जाएगा। इस पहल को गुरमाह गांव के विकास की एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।


