पीने के पानी में मिला कैंसर वाला केमिकल, बड़ों से ज्यादा बच्चों को खतरा! रिसर्च में हुआ खुलासा

पीने के पानी में मिला कैंसर वाला केमिकल, बड़ों से ज्यादा बच्चों को खतरा! रिसर्च में हुआ खुलासा

Cancer Cause: हम सब जानते हैं कि पानी के बिना जीना मुश्किल है, लेकिन क्या होगा अगर वही पानी आपको मौत के करीब ले जाए? एक नई रिसर्च ने दुनिया भर में हड़कंप मचा दिया है। पता चला है कि जिस पानी को हम साफ समझकर पी रहे हैं, उसमें कैंसर की जड़ छिपी हो सकती है। और निशाना कौन है? हमारे मासूम बच्चे। जो पानी उनकी सेहत बनाने के लिए था, वही अब उनके शरीर में जहर घोल रहा है। आइए जानते हैं आखिर माजरा क्या है।

क्या कहती है रिसर्च?

हाल ही में आई एमआईटी (MIT) की एक डरावनी रिसर्च ने खुलासा किया है कि पानी में मिलने वाला ‘NDMA’ नाम का केमिकल बच्चों के लिए बड़ों के मुकाबले खतरनाक हो सकता है। रिसर्च के मुताबिक, बच्चों के शरीर में कोशिकाएं (cells) बहुत तेज़ी से विभाजित (divide) होती हैं। इस वजह से मामूली सा डीएनए डैमेज भी शरीर में जल्दी फैल जाता है और कैंसर का रूप ले लेता है। चूहों पर किए गए प्रयोगों में देखा गया कि बड़ों के मुकाबले कम उम्र के जीवों में NDMA की वजह से DNA डैमेज और कैंसर के मामले बहुत ज्यादा थे। 1990 के दशक में मैसाचुसेट्स के विल्मिंगटन में पानी में NDMA मिलने के बाद बच्चों में कैंसर के मामले बढ़ गए थे, जिसे अब इस नई रिसर्च से जोड़कर देखा जा रहा है।

बच्चों पर खतरा क्यों?

ये खबर हर मां-बाप के लिए डराने वाली है। रिसर्च कहती है कि ये जहर बड़ों से ज़्यादा बच्चों को नुकसान पहुंचाता है। बच्चों का शरीर छोटा और नाजुक होता है, इसलिए ये केमिकल उनके अंगों पर बहुत जल्दी हमला करता है और कैंसर का रिस्क बढ़ा देता है। हैरानी की बात ये है कि कई बार पानी को कीटाणुओं से बचाने के लिए जो तरीके अपनाए जाते हैं, उन्हीं की वजह से ये जहरीला केमिकल पैदा हो जाता है। मतलब सफाई के चक्कर में हम अनजाने में जहर तैयार कर रहे हैं।

इससे कौन सा कैंसर हो सकता है?

रिसर्च के मुताबिक, अगर पानी में इस केमिकल की मात्रा बढ़ जाए, तो ये लीवर और पेट के कैंसर का बड़ा कारण बन सकता है। लंबे समय तक ऐसा पानी पीना शरीर के अंदरूनी सिस्टम को पूरी तरह बिगाड़ सकता है।

बचाव के लिए क्या करें?

  • घर में अच्छी क्वालिटी का वाटर फिल्टर (RO/UV) लगवाएं।
  • अगर नल का पानी गंदा या महक वाला लगे, तो उसे बिना उबाले या फिल्टर किए न पिएं।
  • बच्चों की बोतलों और पानी के बर्तनों की रोज सफाई करें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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