नाला निर्माण के लिए अब नहीं खोदी जाएंगी सड़कें:2 सीवरेज पंपिंग स्टेशन बने, निगम क्षेत्र में 140 जलजमाव स्थल की हुई पहचान

नाला निर्माण के लिए अब नहीं खोदी जाएंगी सड़कें:2 सीवरेज पंपिंग स्टेशन बने, निगम क्षेत्र में 140 जलजमाव स्थल की हुई पहचान

पटना में मानसून से निपटने के लिए बुडको ने दो सीवरेज पंपिंग स्टेशन (SPS) का निर्माण किया है। राजीव नगर और बोरिंग रोड, पानी टंकी के पास एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसका निर्माण किया गया है। इन दोनों इलाकों में बारिश के दौरान काफी जलजमाव होता है। यह प्रोजेक्ट नमामि गंगे की एक पहल है। नया सीवरेज नेटवर्क जल निकासी के लिए बनाने से अच्छा, जो पहले से बना हुआ है उसको सही से टैपिंग कर पानी को निकालने की कोशिश की जा रही है। दोनों SPS के पानी को पंप आउट कर STP में भेजा जाएगा सीवरेज से पानी को पंप आउट कर SPS में डाला जाएगा और फिर यहां से दीघा STP में ट्रीटमेंट के लिए भेजा जाएगा। इन दोनों सीवरेज पंपिंग स्टेशन (SPS) की क्षमता 103 एमएलडी है। इससे राजीवनगर, बोरिंग रोड, एसके पूरी, पानी टंकी, आनंदपुरी और आसपास के मोहल्लों को जलजमाव से निजात मिलेगी। इसके साथ ही पाटलिपुत्र और अटल पथ में बन रहे सीवरेज नेटवर्क का काम तेजी से चल रहा है। इसे भी मानसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य है। अब नहीं खोदी जाएंगी सड़कें शहर में खुदाई और उससे पैदा होने वाली समस्याओं को देखते हुए नमामि गंगे प्रशासन ने अपनी रणनीति बदल दी है। जिन इलाकों में प्रोजेक्ट चल रहे है, उन्हें पूरा किया जाएगा। भविष्य में नई सीवर लाइन के लिए कहीं भी सड़कों या संकरी गलियों की खुदाई नहीं होगी। सड़क खोदने के बजाय अब इंटरसेप्शन एंड डाइवर्जन तकनीक अपनाई जाएगी। इसके तहत नालों के प्रवाह को ही आधुनिक तकनीक से मोड़कर एसटीपी से जोड़ा जाएगा। एक घंटे की बारिश में जलमग्न हो गया था पटना सोमवार की शाम महज एक घंटे की बारिश ने शहर को जलमग्न कर दिया था। पटना जंक्शन, जीपीओ गोलंबर, आर ब्लॉक, वीरचंद पटेल पथ, आयकर गोलंबर, कदमकुआं, राजेंद्रनगर, कंकड़बाग, गर्दनीबाग, अटल पथ, इंद्रपुरी, पाटलिपुत्र कॉलोनी, कुर्जी मोड़ से पीएनएम मॉल सहित अन्य इलाकों में जलजमाव होने से लोग परेशान रहे। वहीं, नमामि गंगे प्रोजेक्ट और नाला निर्माण वाले इलाकों में फिसलन और जलजमाव होने से चलना मुश्किल हो गया था। निगम क्षेत्र में करीब 140 जलजमाव स्थल की हुई पहचान नगर निगम ने मानसून से पहले ही शहर के विभिन्न अंचलों में उन सभी संवेदनशील स्थलों की पहचान कर ली है, जहां जल जमाव की संभावना अधिक रहती है। इससे निपटने के लिए पहले से ही प्लान तैयार किए गए हैं। निगम क्षेत्र में करीब 140 जलजमाव स्थल की पहचान हुई है। निगम की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी स्थिति में जल का ठहराव लंबे समय तक न बने। हर अंचल में चिह्नित जलजमाव स्थल पाटलिपुत्र अंचल – 37 स्थल नूतन राजधानी अंचल – 39 स्थल कंकड़बाग अंचल – 19 स्थल बांकीपुर अंचल – 15 स्थल पटना सिटी अंचल – 12 स्थल अजीमाबाद अंचल – 19 स्थल पटना में मानसून से निपटने के लिए बुडको ने दो सीवरेज पंपिंग स्टेशन (SPS) का निर्माण किया है। राजीव नगर और बोरिंग रोड, पानी टंकी के पास एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसका निर्माण किया गया है। इन दोनों इलाकों में बारिश के दौरान काफी जलजमाव होता है। यह प्रोजेक्ट नमामि गंगे की एक पहल है। नया सीवरेज नेटवर्क जल निकासी के लिए बनाने से अच्छा, जो पहले से बना हुआ है उसको सही से टैपिंग कर पानी को निकालने की कोशिश की जा रही है। दोनों SPS के पानी को पंप आउट कर STP में भेजा जाएगा सीवरेज से पानी को पंप आउट कर SPS में डाला जाएगा और फिर यहां से दीघा STP में ट्रीटमेंट के लिए भेजा जाएगा। इन दोनों सीवरेज पंपिंग स्टेशन (SPS) की क्षमता 103 एमएलडी है। इससे राजीवनगर, बोरिंग रोड, एसके पूरी, पानी टंकी, आनंदपुरी और आसपास के मोहल्लों को जलजमाव से निजात मिलेगी। इसके साथ ही पाटलिपुत्र और अटल पथ में बन रहे सीवरेज नेटवर्क का काम तेजी से चल रहा है। इसे भी मानसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य है। अब नहीं खोदी जाएंगी सड़कें शहर में खुदाई और उससे पैदा होने वाली समस्याओं को देखते हुए नमामि गंगे प्रशासन ने अपनी रणनीति बदल दी है। जिन इलाकों में प्रोजेक्ट चल रहे है, उन्हें पूरा किया जाएगा। भविष्य में नई सीवर लाइन के लिए कहीं भी सड़कों या संकरी गलियों की खुदाई नहीं होगी। सड़क खोदने के बजाय अब इंटरसेप्शन एंड डाइवर्जन तकनीक अपनाई जाएगी। इसके तहत नालों के प्रवाह को ही आधुनिक तकनीक से मोड़कर एसटीपी से जोड़ा जाएगा। एक घंटे की बारिश में जलमग्न हो गया था पटना सोमवार की शाम महज एक घंटे की बारिश ने शहर को जलमग्न कर दिया था। पटना जंक्शन, जीपीओ गोलंबर, आर ब्लॉक, वीरचंद पटेल पथ, आयकर गोलंबर, कदमकुआं, राजेंद्रनगर, कंकड़बाग, गर्दनीबाग, अटल पथ, इंद्रपुरी, पाटलिपुत्र कॉलोनी, कुर्जी मोड़ से पीएनएम मॉल सहित अन्य इलाकों में जलजमाव होने से लोग परेशान रहे। वहीं, नमामि गंगे प्रोजेक्ट और नाला निर्माण वाले इलाकों में फिसलन और जलजमाव होने से चलना मुश्किल हो गया था। निगम क्षेत्र में करीब 140 जलजमाव स्थल की हुई पहचान नगर निगम ने मानसून से पहले ही शहर के विभिन्न अंचलों में उन सभी संवेदनशील स्थलों की पहचान कर ली है, जहां जल जमाव की संभावना अधिक रहती है। इससे निपटने के लिए पहले से ही प्लान तैयार किए गए हैं। निगम क्षेत्र में करीब 140 जलजमाव स्थल की पहचान हुई है। निगम की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी स्थिति में जल का ठहराव लंबे समय तक न बने। हर अंचल में चिह्नित जलजमाव स्थल पाटलिपुत्र अंचल – 37 स्थल नूतन राजधानी अंचल – 39 स्थल कंकड़बाग अंचल – 19 स्थल बांकीपुर अंचल – 15 स्थल पटना सिटी अंचल – 12 स्थल अजीमाबाद अंचल – 19 स्थल  

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