आगरा में भीषण गर्मी का असर अब साफ तौर पर स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखने लगा है। शहर के एसएन मेडिकल कॉलेज में हीट वेव के कारण मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार बड़ी संख्या में लोग तेज बुखार, सिरदर्द और डायरिया जैसी समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। भीषण गर्मी और लू के चलते आगरा में हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों का कहना है कि इन दिनों आने वाले मरीजों में करीब 25 प्रतिशत मरीज हीट वेव के आ रहे हैं। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रकाश के मुताबिक, तेज बुखार, सिरदर्द और डायरिया के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा देखी जा रही है। एसएन के असिस्टेंट प्राेफेसर डॉ. प्रकाश परनानी ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि बहुत जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें। खासकर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें, क्योंकि इस समय गर्मी और लू का असर सबसे ज्यादा होता है। उन्होंने यह भी कहा कि बुजुर्गों के साथ-साथ बच्चों को भी ज्यादा से ज्यादा घर के अंदर ही रखें। यदि बाहर निकलना जरूरी हो तो उन्हें पूरी तरह से कवर करके ही बाहर ले जाएं, ताकि गर्म हवा और तेज धूप से बचाव हो सके। डॉक्टरों ने बताया कि बाहर निकलते समय सिर को ढककर रखें। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें, जबकि पैदल चलने वाले लोग कपड़े से सिर ढकें और आंखों पर धूप का चश्मा लगाएं। या गीला कपड़ा आंखों लगाते रहें। इसके साथ ही शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पानी से भरपूर फल खाने और रोजाना 5 से 7 लीटर पानी पीने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों ने यह भी बताया कि इन दिनों माइग्रेन के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है, जिससे उनके सिरदर्द के अटैक ज्यादा तेज हो सकते हैं और दवा की खुराक भी बढ़ानी पड़ सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते सावधानी बरतकर हीट वेव के खतरनाक प्रभाव से बचा जा सकता है।


