बेगूसराय रेंज के डीआईजी शैलेश कुमार सिन्हा ने रविवार को नगर थाना का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीआईजी के साथ एसपी मनीष और सदर-वन डीएसपी आनंद कुमार पांडेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। डीआईजी ने सबसे पहले थानों के विभिन्न रजिस्टरों, लंबित मामलों की फाइलों और अपराध नियंत्रण को लेकर अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने थाना परिसर की साफ-सफाई से लेकर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजामों का जायजा लिया। शिकायतों का निवारण प्राथमिकता के आधार करने के निर्देश दिए। 19 मई से सहयोग शिविर निरीक्षण के बाद डीआईजी ने कहा कि विशेष रूप से लंबित केसों के निष्पादन, पुलिस ऑफिसर्स की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है। हमने सभी अधिकारियों को अन्य आवश्यक निर्देश दिए हैं। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त नए दिशा-निर्देशों के बारे में भी स्थानीय पुलिस को अवगत कराया गया है। हमारा मुख्य उद्देश्य कि पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। जिससे अपराधियों में भय और आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव पैदा हो सके। आगामी 19 मई से सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करना और जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना है। पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश डीआईजी ने आगे कहा कि क्षेत्र में गश्ती बढ़ाई जाएगी और चिन्हित अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। शहर की यातायात व्यवस्था और सुरक्षा घेरे को और अधिक बेहतर किया जाएगा। आम नागरिकों को थाने में आने पर किसी तरह की परेशानी न हो और उन्हें बेहतर सेवा मिल सके, इसके लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान एसपी मनीष ने डीआईजी को कानून व्यवस्था की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। वहीं सदर-वन डीएसपी आनंद कुमार पांडेय ने नगर थाना क्षेत्र की विशिष्ट चुनौतियों और अब तक की गई कार्रवाई जानकारी दी। इस निरीक्षण के बाद उम्मीद है कि पुलिस की कार्यशैली में और अधिक तेजी एवं पारदर्शिता देखने को मिलेगी। बेगूसराय रेंज के डीआईजी शैलेश कुमार सिन्हा ने रविवार को नगर थाना का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीआईजी के साथ एसपी मनीष और सदर-वन डीएसपी आनंद कुमार पांडेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। डीआईजी ने सबसे पहले थानों के विभिन्न रजिस्टरों, लंबित मामलों की फाइलों और अपराध नियंत्रण को लेकर अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने थाना परिसर की साफ-सफाई से लेकर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजामों का जायजा लिया। शिकायतों का निवारण प्राथमिकता के आधार करने के निर्देश दिए। 19 मई से सहयोग शिविर निरीक्षण के बाद डीआईजी ने कहा कि विशेष रूप से लंबित केसों के निष्पादन, पुलिस ऑफिसर्स की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है। हमने सभी अधिकारियों को अन्य आवश्यक निर्देश दिए हैं। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त नए दिशा-निर्देशों के बारे में भी स्थानीय पुलिस को अवगत कराया गया है। हमारा मुख्य उद्देश्य कि पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। जिससे अपराधियों में भय और आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव पैदा हो सके। आगामी 19 मई से सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करना और जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना है। पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश डीआईजी ने आगे कहा कि क्षेत्र में गश्ती बढ़ाई जाएगी और चिन्हित अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। शहर की यातायात व्यवस्था और सुरक्षा घेरे को और अधिक बेहतर किया जाएगा। आम नागरिकों को थाने में आने पर किसी तरह की परेशानी न हो और उन्हें बेहतर सेवा मिल सके, इसके लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान एसपी मनीष ने डीआईजी को कानून व्यवस्था की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। वहीं सदर-वन डीएसपी आनंद कुमार पांडेय ने नगर थाना क्षेत्र की विशिष्ट चुनौतियों और अब तक की गई कार्रवाई जानकारी दी। इस निरीक्षण के बाद उम्मीद है कि पुलिस की कार्यशैली में और अधिक तेजी एवं पारदर्शिता देखने को मिलेगी।


