तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के सनातन धर्म पर दिए गए विवादित बयानों के विरोध में रविवार को अररिया में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के तत्वावधान में एक विशाल आक्रोश मार्च और विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इसमें सनातन धर्मावलंबियों, युवाओं, महिलाओं और संगठन कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत काली मंदिर चौक से हुई, जहां सनातन धर्म के समर्थन में एक सभा आयोजित की गई। वक्ताओं ने सनातन धर्म को भारत की प्राचीन संस्कृति, सभ्यता और जीवन मूल्यों का आधार बताया। उन्होंने कहा कि सनातन के विरुद्ध कोई भी आपत्तिजनक टिप्पणी करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर सीधा हमला है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चांदनी चौक तक निकाला गया आक्रोश मार्च सभा के बाद, काली मंदिर चौक से चांदनी चौक तक एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला गया। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने “जय श्री राम”, “सनातन धर्म अमर रहे”, “सनातन विरोधी मुर्दाबाद” और “सनातन विरोधी भारत छोड़ो” जैसे नारे लगाए। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मार्च का समर्थन किया। चांदनी चौक पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने एम.के. स्टालिन का पुतला दहन किया। इस दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और नेता जानबूझकर सनातन धर्म के खिलाफ बयानबाजी कर समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने भारत की गरिमा की रक्षा के लिए हर सनातनी के तत्पर रहने पर जोर दिया। जनआंदोलन चलाने की दी चेतावनी विहिप अररिया ने मांग की कि स्टालिन तुरंत अपने विवादित बयान वापस लें और देश के सनातनियों से सार्वजनिक माफी मांगें। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी सनातन धर्म के खिलाफ ऐसी टिप्पणियां जारी रहीं, तो देशभर में व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा। पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुआ। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। इस अवसर पर सांसद प्रदीप कुमार सिंह, संतोष सुराना, आदित्य नारायण झा, विहिप के शुभम चौधरी, सतीश कुमार, आयुष कुमार, आदित कुमार, सुमित कुमार सुमन, कुणाल गुप्ता, सुधीर राय, अविनाश कुमार, अभिषेक कुमार, श्रेया कुमारी, नंदनी कुमारी, पायल कुमारी समेत सैकड़ों पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के सनातन धर्म पर दिए गए विवादित बयानों के विरोध में रविवार को अररिया में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के तत्वावधान में एक विशाल आक्रोश मार्च और विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इसमें सनातन धर्मावलंबियों, युवाओं, महिलाओं और संगठन कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत काली मंदिर चौक से हुई, जहां सनातन धर्म के समर्थन में एक सभा आयोजित की गई। वक्ताओं ने सनातन धर्म को भारत की प्राचीन संस्कृति, सभ्यता और जीवन मूल्यों का आधार बताया। उन्होंने कहा कि सनातन के विरुद्ध कोई भी आपत्तिजनक टिप्पणी करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर सीधा हमला है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चांदनी चौक तक निकाला गया आक्रोश मार्च सभा के बाद, काली मंदिर चौक से चांदनी चौक तक एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला गया। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने “जय श्री राम”, “सनातन धर्म अमर रहे”, “सनातन विरोधी मुर्दाबाद” और “सनातन विरोधी भारत छोड़ो” जैसे नारे लगाए। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मार्च का समर्थन किया। चांदनी चौक पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने एम.के. स्टालिन का पुतला दहन किया। इस दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और नेता जानबूझकर सनातन धर्म के खिलाफ बयानबाजी कर समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने भारत की गरिमा की रक्षा के लिए हर सनातनी के तत्पर रहने पर जोर दिया। जनआंदोलन चलाने की दी चेतावनी विहिप अररिया ने मांग की कि स्टालिन तुरंत अपने विवादित बयान वापस लें और देश के सनातनियों से सार्वजनिक माफी मांगें। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी सनातन धर्म के खिलाफ ऐसी टिप्पणियां जारी रहीं, तो देशभर में व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा। पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुआ। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। इस अवसर पर सांसद प्रदीप कुमार सिंह, संतोष सुराना, आदित्य नारायण झा, विहिप के शुभम चौधरी, सतीश कुमार, आयुष कुमार, आदित कुमार, सुमित कुमार सुमन, कुणाल गुप्ता, सुधीर राय, अविनाश कुमार, अभिषेक कुमार, श्रेया कुमारी, नंदनी कुमारी, पायल कुमारी समेत सैकड़ों पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।


