सिंगर और कंपोजर अदनान सामी ने अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने के फैसले का समर्थन किया है। अदनान ने कहा कि अरिजीत के इस कदम का सम्मान किया जाना चाहिए और इस पर किसी भी तरह की अटकलें नहीं लगाई जानी चाहिए। अरिजीत ने इसी साल सोशल मीडिया पर अचानक संन्यास की घोषणा कर फिल्म इंडस्ट्री और फैंस को चौंका दिया था। अदनान बोले- अरिजीत का फैसला जल्दबाजी में नहीं
न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) को दिए एक इंटरव्यू में 54 वर्षीय अदनान सामी ने कहा, “अरिजीत ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने का फैसला पूरे होशोहवास में किया है। हमें उनके इस फैसले का सम्मान करना चाहिए। यह कोई जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नहीं है, बल्कि इसके पीछे उनकी गहरी सोच होगी।” अदनान ने यह बात जी म्यूजिक कंपनी के तहत रिलीज हुए अपने नए सिंगल ‘लिपस्टिक लगा के, नजर उतार ले’ के लॉन्च के दौरान कही। वजह बताने के लिए अरिजीत बाध्य नहीं
अदनान ने आगे कहा कि अरिजीत के लिए जनता को अपनी वजह बताना बिल्कुल जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा, इसके पीछे जरूर कोई बड़ी वजह होगी, जिसे वे खुद बेहतर जानते हैं। दुनिया को इसे तुरंत बताने की कोई जरूरत नहीं है। समय आने पर सबको पता चल ही जाएगा। यह उनकी जिंदगी है, जब वे सहज महसूस करेंगे, खुद वजह साझा कर देंगे। तब तक हमें उन्हें पर्सनल स्पेस देना चाहिए। करियर के पीक पर छोड़ी सिंगिंग
इसी साल जनवरी में अरिजीत सिंह ने अपने करियर के सबसे ऊंचे मुकाम पर प्लेबैक सिंगिंग को अलविदा कह दिया था। उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट पर यह जानकारी दी थी। अरिजीत ने लिखा- हैलो, सबको नया साल मुबारक, इतने सालों तक प्यार देने के लिए धन्यवाद। मैं खुशी से बताना चाहता हूं कि अब प्लेबैक वोकलिस्ट के तौर पर कोई नए असाइनमेंट्स नहीं लूंगा। इसे यहीं खत्म कर रहा हूं। ये सफर शानदार रहा। भगवान ने बहुत दया की। अदनान बोले- कोई सिर पर बंदूक नहीं रखता
म्यूजिक कंपनियों के दबाव के सवाल पर अदनान ने साफ कहा कि हर कंपनी की अपनी पॉलिसी होती है। कुछ कंपनियां बहुत सख्त होती हैं और कुछ कलाकारों को पूरी आजादी देती हैं। उन्होंने कहा, “अगर आपको उनकी पॉलिसी पसंद नहीं है, तो कोई आपके सिर पर बंदूक नहीं रख रहा है। समस्या तब होती है जब कलाकार खुद यह सोचने लगता है कि बात न मानने पर वह मुसीबत में पड़ जाएगा। यह प्रेशर कलाकार खुद पर खुद ही हावी कर लेता है।” एक नजर अरिजीत सिंह के करियर पर 25 अप्रैल 1987 को अरिजीत सिंह का जन्म पश्चिम बंगाल के जीयागंज में हुआ था। उनकी मां शास्त्रीय गायिका और मौसी तबला वादक थीं। बचपन से ही उनकी रुचि गायिकी में थी। शास्त्रीय संगीत सीखने के बाद अरिजीत सिंह ने 18 साल की उम्र में साल 2005 में सिंगिंग रियलिटी शो ‘फेम गुरुकुल’ में हिस्सा लिया था। अरिजीत ये शो नहीं जीत सके, हालांकि उनकी परफॉर्मेंस से इंप्रेस होकर संजय लीला भंसाली ने उन्हें फिल्म सांवरिया का गाना यूं शबनमी ऑफर किया था। अरिजीत ने ये गाना गाया, हालांकि कुछ बदलाव के चलते उस गाने से सिंगर रिप्लेस करवा दिया गया। आगे उन्होंने बतौर बैकग्राउंड सिंगर काम किया। गोलमाल 3, क्रूक, एक्शन रीप्ले जैसी फिल्मों में म्यूजिक कोलेबोरेशन के बाद अरिजीत सिंह ने मर्डर 2 के गाने फिर मोहब्बत करने चला है से बतौर प्लेबैक सिंगर डेब्यू किया। इस गाने की पॉपुलैरिटी के बाद उन्हें एजेंट विनोद का गाना राब्ता मिला। ये गाना भी हिट रहा और अरिजीत ने समय के साथ बेहतरीन गाने देते हुए स्टारडम हासिल किया। अरिजीत सिंह ने अपने म्यूजिकल करियर में 532 हिंदी, 144 बंगाली और 25 तेलुगु समेत कई भाषाओं में 700 से ज्यादा गाने गाए हैं। वो 2 नेशनल अवॉर्ड, 8 फिल्मफेयर समेत कुल 122 अवॉर्ड जीत चुके हैं। अरिजीत सिंह को पहला नेशनल अवॉर्ड साल 2018 में पद्मावत के गाने बिनते दिल के लिए और दूसरा नेशनल अवॉर्ड 2022 में फिल्म ब्रह्मास्त्र के गाने केसरिया के लिए मिला है। साल 2015 में अरिजीत सिंह को पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।
अरिजीत सिंह के सपोर्ट में आए अदनान सामी:बोले- उन्होंने प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने का फैसला सोच-समझकर लिया, समय आने पर पता चल जाएगा


