कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ सरकारी योजना का झांसा देकर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी फर्म खोली गई और बाद में उससे 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगी गई। पुलिस ने रविवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पनकी निवासी ऋषभ, जो शादी-पार्टियों में कैटरिंग का काम करते हैं, ने अपनी प्राथमिकी में बताया कि कुछ महीने पहले उनकी मुलाकात मनीष नामक युवक से हुई थी। मनीष ने उन्हें बताया कि सरकार की एक योजना के तहत नया बैंक खाता और सिम कार्ड खुलवाने पर हर महीने 5 हजार रुपये खाते में आएंगे। आर्थिक तंगी के कारण ऋषभ आरोपियों की बातों में आ गए। इसके बाद मनीष अपने साथी फिरोज के साथ उन्हें बैंक और सिम विक्रेता के पास ले गया, जहाँ उनका नया सिम कार्ड और बैंक खाता खुलवाया गया। इस दौरान उनके आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज भी ले लिए गए। लगभग एक महीने बाद, ऋषभ को एक कथित वकील के पास ले जाया गया, जहाँ कई अन्य लोग भी मौजूद थे। वहाँ उन्हें चेकबुक और अन्य कागजात दिखाकर कई चेकों तथा एक सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाए गए। जब उन्होंने आपत्ति जताई, तो आरोपियों ने उन्हें धमकाया। आरोप है कि उन्हीं हस्ताक्षरों की नकल कर चेकों पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए और उनके नाम पर “एम.एस. ट्रेडर्स” नामक फर्म संचालित की गई। ऋषभ को आशंका है कि उनके नाम का इस्तेमाल कर बड़े स्तर पर वित्तीय धोखाधड़ी की गई है। जब उन्होंने अपने दस्तावेज, सिम और बैंक संबंधी कागजात वापस मांगे, तो उन्हें रामादेवी चौराहे पर बुलाया गया। वहाँ से उन्हें कार में बैठाकर कोयलानगर ले जाया गया, जहाँ उनके साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने ऋषभ से कहा कि यदि उन्हें अपने कागजात वापस चाहिए तो 50 हजार रुपये लेकर आओ, अन्यथा उन्हें जान से मार दिया जाएगा। चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि धोखाधड़ी, जालसाजी, रंगदारी, मारपीट और धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।


