Dhar Patwari Arrested: मध्य प्रदेश के धार जिले के मनावर से भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। यहां इंदौर की लोकायुक्त टीम ने पूरी प्लानिंग के साथ जाल बिछाकर पटवारी प्रवीण पाटीदार को 10 हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पटवारी प्रवीण प्लॉट के नामांतरण के एवज में रिश्वत की डिमांड कर रहा था। लोकायुक्त टीम ने घेराबंदी करते हुए पहले दफ्तर में एंट्री की। फिर हल्का नंबर 21 बीडपुरा के पटवारी प्रवीण पाटीदार को 10 हजार की रिश्वत लेते दबोच लिया। आरोपी पटवारी दो प्लॉटों के नामांतरण के बदले मोटी रकम की डिमांड कर रहा था। लेकिन उसका यह भ्रष्टाचारी दांव उलटा पड़ गया और अब वह लोकायुक्त पुलिस की गिरफ्त में है।
दो प्लॉट के नामांतरण के लिए मांगे थे 20 हजार रुपए
जानकारी के मुताबिक, तिलक मार्ग निवासी शिकायतकर्ता अरुण कुमार तिवारी ने ग्राम पंचायत कपस्थली में अपने साथी अंकुश सोनी को दो प्लॉट बेचे थे। इन प्लॉटों का नामांतरण करने के बदले हल्का नंबर 21 बीडपुरा के पटवारी प्रवीण पाटीदार (Dhar Patwari Arrested) ने प्रति प्लॉट 10 हजार रुपए के हिसाब से कुल 20 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी।
लोकायुक्त ने जाल बिछाकर दबोचा
पटवारी की मांग से परेशान आवेदक अरुण तिवारी ने इसकी शिकायत इंदौर लोकायुक्त पुलिस से की। लोकायुक्त टीम ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान शिकायत सही पाई गई। इसके बाद लोकायुक्त एसपी के निर्देश पर एक विशेष दल का गठन कर उसे मनावर भेजा गया। टीम ने पूरी प्लानिंग के साथ पटवारी को रंगे हाथ गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया। जैसे ही आवेदक अरुण तिवारी रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपए लेकर मनावर स्थित पटवारी दफ्तर पहुंचे, वहां पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने आरोपी पटवारी प्रवीण पाटीदार को रंगे हाथों दबोच लिया। टीम ने पटवारी के पास से केमिकल युक्त रिश्वत के नोट भी बरामद किए हैं।
अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त टीम ने आरोपी पटवारी प्रवीण पाटीदार (Dhar Patwari Arrested) के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वहीं आगे की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। अपनी प्लानिंग में सफल हुई लोकायुक्त टीम में कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रणजीत द्विवेदी, विजय कुमार, सतीश यादव, कमलेश परिहार, मनीष माथुर और कृष्णा अहिरवार शामिल थे। सभी ने प्लानिंग के साथ पहले पटवारी के दफ्तर में एंट्री की और फिर रिश्वत लेने का इंतजार किया। मौका मिलते ही पटवारी पर धावा बोल दिया।


