CSJMU के दो असिस्टेंट प्रोफेसरों की सेवा समाप्त:दलित छात्रा के उत्पीड़न के आरोप पर आयोग ने पुलिस व विवि को जारी किया नोटिस

CSJMU के दो असिस्टेंट प्रोफेसरों की सेवा समाप्त:दलित छात्रा के उत्पीड़न के आरोप पर आयोग ने पुलिस व विवि को जारी किया नोटिस

सीएसजेएम यूनिवर्सिटी के स्कूल आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) दो शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। विवि की एग्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग में दोनों शिक्षकों की सेवा समाप्त करने का फैसला लिया गया, जिसका आदेश जल्द जारी होगा। वहीं, एक दूसरे मामले में एजुकेशन डिपार्टमेंट की एक दलित छात्रा ने एचओडी व शिक्षकों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने पुलिस कमिश्नर व विवि के कुलसचिव को नोटिस जारी किया है। इस साल कोर्स में एक भी एडमिशन नहीं
विवि के यूआईईटी में बायोइंफार्मेटिक्स पाठ्यक्रम संचालित हो रहा था। इसमें एक कोर्स दो वर्षीय एमएससी और दूसरा कोर्स एक वर्षीय डिप्लोमा था। इस कोर्स में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर डॉ. ममता सागर व बृजेंद्र सिंह कार्यरत थे। कोर्स में पिछले तीन वर्षों से लगातार छात्र संख्या घट रही थी। इस साल एक भी दाखिला नहीं हुआ। किसी अन्य कोर्स में नहीं मिली योग्यता एडमिशन शून्य होने पर दोनों शिक्षकों की सेवा समाप्त करने का प्रस्ताव एग्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग में रखा गया। इससे पहले दोनो को किसी अन्य कोर्स में योग्यतानुसार समावेशित करने की भी तैयारी थी। लेकिन, एआईसीटीई के मानकों के अनुसार दोनों ही शिक्षकों की योग्यता अन्य किसी कोर्स के योग्य नहीं मिली। विस्तृत चर्चा के बाद लिया फैसला वीसी प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में कमेटी की रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा हुई। अंत में सभी सदस्यों ने शासनादेश के अनुसार छात्र संख्या न होने से पाठ्यक्रम को बंद करने और स्ववित्तपोषित में कार्यरत दोनों शिक्षकों की सेवा समाप्त करने का फैसला लिया। वीसी ने कहा कि जल्द दोनों शिक्षकों की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया जाएगा। दलित छात्रा ने लगाए आरोप विवि की दलित छात्रा के उत्पीड़न का मामला एक बार फिर वायरल हो रहा है। जुलाई में एक छात्रा ने स्कूल ऑफ टीचर एजुकेशन की एचओडी व अन्य शिक्षकों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। जब छात्रा ने वीसी व यूजीसी पोर्टल पर शिकायत की थी। इंटरनल कमेटी ने जांच में छात्रा के लगाए सभी आरोप निराधार पाए थे। वायरल पोस्ट के अनुसार छात्रा की शिकायत पर अनुसूचित जाति आयोग ने पुलिस व विवि को नोटिस जारी किया है।

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