न्यूड वीडियो का विरोध करने पर पत्नी की हत्या:15 माह तक कोर्ट में चली सुनवाई, आरोपी पति को उम्रकैद; जुर्माना भी लगाया

न्यूड वीडियो का विरोध करने पर पत्नी की हत्या:15 माह तक कोर्ट में चली सुनवाई, आरोपी पति को उम्रकैद; जुर्माना भी लगाया

भिंड के ग्राम पुलेह का पुरा में पत्नी की हत्या के मामले में तृतीय अपर सत्र न्यायालय ने आरोपी पति जबर सिंह पुत्र भारत सिंह दोहरे को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। मामले में अभियोजन की ओर से 15 गवाहों के बयान कराए गए और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने फैसला सुनाया। मामला 26 जून 2025 का है। अभियोजन के अनुसार घटना के बाद आरोपी ने खुद अपने पिता को पत्नी डोली की हत्या करने की बात बताई थी। पुलिस जांच में आरोपी के मोबाइल से घटना से पहले का एक वीडियो भी मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डोली के चार माह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। आरोपी ने पिता को बताई थी हत्या की बात अभियोजन के अनुसार 26 जून की सुबह जबर सिंह ने अपने पिता भारत सिंह से कहा कि उसने पत्नी डोली को मार दिया है। इसके बाद भारत सिंह ऊमरी थाने पहुंचा और पुलिस को घटना की सूचना दी। उसने फोन से डोली के मायके वालों को भी जानकारी दी। डोली के पिता ने थाने पहुंचकर जबर सिंह और उसके पिता भारत सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 135/2025 में BNS की धारा 103(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया। मोबाइल में मिला था घटना से पहले का वीडियो विवेचना के दौरान पुलिस ने डोली के मायके वालों सहित अन्य लोगों के बयान दर्ज किए। जांच में सामने आया कि डोली की शादी जबर सिंह से 10 फरवरी 2025 को हुई थी। पुलिस ने शादी का कार्ड भी जब्त किया था। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल जब्त कर उसकी जांच की। अभियोजन के मुताबिक मोबाइल में 25 जून की रात का एक वीडियो मिला, जिसमें आरोपी अपनी पत्नी का आपत्तिजनक वीडियो बनाने का प्रयास कर रहा था और डोली उसे रोक रही थी। अभियोजन ने इसी घटनाक्रम को हत्या की वजह बताया। पोस्टमार्टम में गर्भवती होने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डोली के चार माह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने उसकी मौत की प्रकृति हत्यात्मक बताई। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन ने कुल 15 साक्षियों के बयान कराए। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए जबर सिंह को BNS की धारा 103(1) के तहत दोषी माना और आजीवन कारावास व 5 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। प्रकरण में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक उत्तम सिंह राजपूत ने पैरवी की।

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