पुष्कर में वीजा नियमों का महिलाओं के खिलाफ पुलिस और विदेशी पंजीकरण विभाग ने कार्रवाई की है। इनमें केन्या की एक महिला निर्धारित वीजा अवधि खत्म होने के बाद एक साल से ज्यादा समय से भारत में रह रही थी। वहीं, थाईलैंड की दो महिलाएं भारत-नेपाल सीमा से अवैध रूप से प्रवेश कर पुष्कर पहुंची थीं। तीनों को पुलिस गार्ड के साथ अलवर स्थित डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया। विदेशी पंजीकरण अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीआईडी (विशेष शाखा) राजेश मीना ने बताया कि 29 सितंबर को विदेशी नागरिकों के अवैध रूप से रहने की सूचना पर टीम ने एफआरओ क्षेत्राधिकार के होटल श्रीपैलेस की जांच की। होटल में केन्या की महिला के ठहरने की जानकारी मिली। टीम ने होटल संचालक से उसके दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई दस्तावेज नहीं दे सका। होटल रजिस्टर में भी महिला का विवरण दर्ज नहीं था। टीम ने महिला के कमरे की जांच की तो उसके मोबाइल में पासपोर्ट और वीजा की प्रति मिली। ऑनलाइन पोर्टल पर जांच में पता चला कि वह 6 मार्च 2025 को भारत आई थी। उसके वीजा की वैधता 90 दिन थी। अवधि खत्म होने के बाद भी वह भारत में रही। जयपुर से मिले अलर्ट पर पकड़ीं गईं 2 थाई महिला राजेश मीना ने बताया कि 29 सितंबर को ही स्टेट स्पेशल ब्रांच जयपुर से मिले अलर्ट के आधार पर पुष्कर यूनिट ने होटलों की जांच की। इस दौरान मूण रिसोर्ट, नाला क्षेत्र में थाईलैंड की दो नागरिक मिलीं। ऑनलाइन पोर्टल पर जांच में दोनों के भारत-नेपाल बॉर्डर से अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने की जानकारी सामने आई। वीजा नियमों के उल्लंघन पर गृह विभाग के आदेश के तहत तीनों महिलाओं को उनके देश भेजे जाने तक डिटेंशन सेंटर में रखने की कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार होटल और गेस्ट हाउस की नियमित जांच जारी रहेगी। ओवरस्टे या वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ डिपोर्ट और ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे विदेशी नागरिकों को शरण या सहयोग देने वाले होटल-गेस्ट हाउस संचालकों के खिलाफ इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

