किशनगंज जिले में मौसम के बदलते मिजाज ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। तापमान में उतार-चढ़ाव और कभी तेज धूप तो कभी अचानक ठंड के कारण लोग तेजी से मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसका सीधा असर किशनगंज सदर अस्पताल में दिख रहा है, जहां ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, प्रतिदिन सैकड़ों लोग सर्दी, खांसी, तेज बुखार और जुकाम की शिकायत लेकर आ रहे हैं। अधिकांश मरीज वायरल फीवर और बदन दर्द से पीड़ित वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अखिल सरवर ने बताया कि वर्तमान में मौसम काफी अस्थिर है। दिन में गर्मी और शाम को ठंड का अहसास शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर असर डाल रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले अधिकांश मरीज वायरल फीवर और बदन दर्द से पीड़ित हैं। डॉ. सरवर ने सलाह दी कि इस समय परहेज सबसे ज्यादा जरूरी है। ठंडा पानी पीने और बासी भोजन का सेवन करने से बचें। बच्चों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. अवनी राज ने बच्चों पर बदलते मौसम के बुरे प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि बच्चों में निमोनिया, सर्दी-खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं और उन्हें अचानक ठंडी हवा के संपर्क में न लाएं। डॉ. राज ने आगे कहा कि यदि बच्चे को तेज बुखार या लगातार खांसी हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और खुद से दवा न दें। पीने के लिए गुनगुने या उबले हुए पानी का प्रयोग करें। इम्यूनिटी बनाए रखने के लिए ताजे फल और पौष्टिक आहार लें। पसीने में अचानक पंखे या कूलर के सामने न बैठें। हाथों को बार-बार धोएं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। किशनगंज जिले में मौसम के बदलते मिजाज ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। तापमान में उतार-चढ़ाव और कभी तेज धूप तो कभी अचानक ठंड के कारण लोग तेजी से मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसका सीधा असर किशनगंज सदर अस्पताल में दिख रहा है, जहां ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, प्रतिदिन सैकड़ों लोग सर्दी, खांसी, तेज बुखार और जुकाम की शिकायत लेकर आ रहे हैं। अधिकांश मरीज वायरल फीवर और बदन दर्द से पीड़ित वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अखिल सरवर ने बताया कि वर्तमान में मौसम काफी अस्थिर है। दिन में गर्मी और शाम को ठंड का अहसास शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर असर डाल रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले अधिकांश मरीज वायरल फीवर और बदन दर्द से पीड़ित हैं। डॉ. सरवर ने सलाह दी कि इस समय परहेज सबसे ज्यादा जरूरी है। ठंडा पानी पीने और बासी भोजन का सेवन करने से बचें। बच्चों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. अवनी राज ने बच्चों पर बदलते मौसम के बुरे प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि बच्चों में निमोनिया, सर्दी-खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं और उन्हें अचानक ठंडी हवा के संपर्क में न लाएं। डॉ. राज ने आगे कहा कि यदि बच्चे को तेज बुखार या लगातार खांसी हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और खुद से दवा न दें। पीने के लिए गुनगुने या उबले हुए पानी का प्रयोग करें। इम्यूनिटी बनाए रखने के लिए ताजे फल और पौष्टिक आहार लें। पसीने में अचानक पंखे या कूलर के सामने न बैठें। हाथों को बार-बार धोएं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।


