आजमगढ़ जिले की साइबर सेल ने 7 करोड़ 54 लख रुपए की जीएसटी की चोरी के मामले में दो आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार किया है। इस मामले में जुलाई 2025 में सिधारी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था पुलिस को दिए शिकायती पत्र में सेल टैक्स के अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि भोलानाथ इंटरप्राइजेज द्वारा खरीद बिक्री के लिए जो फार्म रजिस्टर्ड कराई गई थी जब उसकी जांच की गई तो वह अस्तित्व में नहीं पाई गई। जिनमें पंकज इंटरप्राइजेज, शिवम ट्रेडर्स और बीके एंटरप्राइजेज है। मामले में मुकदमा दर्ज कर सिधारी थाने की पुलिस और साइबर टीम मामले की छानबीन में जुट गई। साइबर सेल की विवेचना में यह बात सामने आई की इन फर्जी फार्मो का प्रयोग उत्तर प्रदेश राज्य का विभाग के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी कर जीएसटी चोरी के लिए किया जा रहा है। जांच में अभी बात सामने आई कि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए डॉक्यूमेंट फर्जी है। ऐसे में राज्य कर अधिकारी खंड दो मयंक कुमार की तहरीर पर दर्ज मुकदमे के तहत मामले की छानबीन की जा रही थी। इसी क्रम में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस मुकदमे में आरोपियों ने 41 करोड़ 93 लख रुपए की सप्लाई दिखाकर 7 करोड़ 54 लाख रुपए का टैक्स क्रेडिट लेकर राजस्व विभाग को क्षति पहुंचाई है। आरोपियों ने इस घटना को पूरी प्लानिंग के तहत अंजाम दिया था। पंजाब से हुई गिरफ्तारी
इस बारे में जिले के एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि जिले में साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे हैं अभियान के अंतर्गत साइबर टीम आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। घटना में शामिल दो आरोपियों विकास कुमार और बलजीत सिंह जो कि पंजाब के रहने वाले हैं को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही इस मामले में दो आरोपी फरार हैं। जिनकी तलाश में पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है। यह आरोपी संगठित सिंडिकेट बनाकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फॉर्म में स्थापित करते थे। जिनके नाम पर लगातार धोखाधड़ी करते थे। इस पूरे ऑपरेशन में सिधारी थाने के प्रभारी राजीव मिश्रा, सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर रवि प्रकाश गौतम मुख्य आरक्षी ओमप्रकाश जायसवाल, मुकेश कुमार भारती सहित बड़ी संख्या में पुलिस और साइबर टीम के लोग शामिल रहे।


