अमृतसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा स. हरी सिंह नलवा पर फिल्म बनाने की अनुमति न देने का निर्णय हाल ही में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मुंबई स्थित भानुशाली स्टूडियो लिमिटेड के सह-निर्माता भावेश भानुशाली ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज को एक पत्र भेजकर यह अनुरोध किया था कि वे महान सिख योद्धा स. हरी सिंह नलवा के जीवन पर फिल्म बनाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों से भी मुलाकात कर विचार-विमर्श की इच्छा जताई थी। लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के अनुसार इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया गया। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने स्पष्ट किया कि हाल ही में 28 दिसंबर 2025 को पांच सिंह साहिबानों द्वारा यह निर्णय लिया गया था कि प्राचीन सिख योद्धाओं के जीवन पर आधारित फिल्में, एनीमेशन फिल्में या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित वीडियो नहीं बनाए जा सकते। इसी नीति के तहत स. हरी सिंह नलवा, जो सिख इतिहास के एक प्रमुख और सम्मानित योद्धा माने जाते हैं, उनके जीवन पर भी फिल्म निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती। धार्मिक भावनाओं के सम्मान पर जोर इस निर्णय के बाद अकाल तख्त साहिब सचिवालय की ओर से भानुशाली स्टूडियो को लिखित रूप में सूचित कर दिया गया है। साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि इस विषय से संबंधित आदेशों की प्रतियां पंजाबी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में भेज दी गई हैं, ताकि भविष्य में सिख इतिहास और परंपराओं से जुड़े विषयों पर किसी भी प्रकार की फिल्म या प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले वे नियमों का पालन करें। जत्थेदार ने यह भी कहा कि सिख विरासत और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की प्रस्तुति को लेकर पहले से निर्धारित मर्यादाओं का पालन आवश्यक है, जिससे धार्मिक भावनाओं और परंपराओं का सम्मान बना रहे।


