हरियाणा फायर ब्रिगेड के कर्मचारी पिछले 25 दिनों से हड़ताल पर हैं और अब आंदोलन और तेज करने का ऐलान कर दिया है। करनाल में सेक्टर-4 स्थित जिला मुख्यालय पर फायर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो मेयर चुनाव के दौरान सड़क पर उतरकर विरोध किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की ओर से दी जा रही राहत उनके लिए स्वीकार्य नहीं है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने बताया कि सरकार 30 लाख रुपए मुआवजा और एचकेआरएन के तहत नौकरी देने की बात कर रही है, लेकिन यह प्रस्ताव उन्हें मंजूर नहीं है। उनकी मांग है कि मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा और पक्की सरकारी नौकरी दी जाए। कर्मचारियों ने साफ कहा कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। शहीद का दर्जा देने की मांग हरियाणा अग्निशमन यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र कुमार और अन्य कर्मचारियों ने फरीदाबाद की कालका स्टील कंपनी में आगजनी के दौरान जान गंवाने वाले दमकल कर्मचारी भवीचंद शर्मा और रणवीर सिंह को शहीद का दर्जा देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि दोनों के आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता और नियमित नौकरी दी जानी चाहिए। जोखिम भत्ता और सुरक्षा उपकरण की मांग कर्मचारियों ने सभी दमकल कर्मियों को 5 हजार रुपए जोखिम भत्ता देने और जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की भी मांग की। उनका कहना है कि बिना पर्याप्त संसाधनों के काम करना जान जोखिम में डालने जैसा है। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग कर्मचारियों ने 31 दिसम्बर 2025 के हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग की। साथ ही समान काम के लिए समान वेतन लागू करने, पे-रोल और एचकेआरएन के तहत कर्मचारियों को दमकल ऑपरेटर के पदों पर समायोजित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि पिछले 5 साल से वेतन नहीं बढ़ा है, इसलिए एरियर सहित वेतन बढ़ाया जाए। प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी पर रोक लगाने और कर्मचारियों को गृह क्षेत्र में तबादला देने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि वर्तमान नीति कर्मचारियों के हित में नहीं है। 2 दिन का अल्टीमेटम, चुनाव में विरोध की चेतावनी कर्मचारियों ने सरकार को 2 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो हड़ताल को अनिश्चितकालीन कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार के साथ तीन दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। 10 मई का इंतजार राजेंद्र कुमार ने कहा कि 90 विधायकों को ज्ञापन देने के बावजूद किसी ने विधानसभा सत्र में उनकी आवाज नहीं उठाई। अब पंचकूला, अंबाला और सोनीपत में 10 मई को होने वाले मेयर चुनाव के दौरान फायर कर्मचारी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे और सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।


