तमिलनाडु चुनाव के बाद कांग्रेस ने डीएमके का साथ छोड़कर सीएम विजय के नेतृत्व वाले टीवीके का हाथ थाम लिया। इस पर डीएमके के भीतर बड़ी नाराजगी देखने को मिली है।
डीएमके नेता और तमिलनाडु के पूर्व डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन ने कांग्रेस को खूब सुनाया। इस पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर भड़क उठे हैं। टैगोर ने भी उदयनिधि के बयान पर करारा जवाब दिया है।
‘मुश्किल वक्त में साथ दिया’
उदयनिधि ने कांग्रेस को भाजपा की लगातार जीत का जिम्मेदार ठहराया था, जिस पर टैगोर ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा मुश्किल वक्त में डीएमके का साथ दिया है। उनके शब्द स्वीकार्य नहीं हैं।
कांग्रेस सांसद ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि जब डीएमके अल्पमत में थी, तब कांग्रेस ने उनका साथ नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा- हम उनके लिए बाहर इंतजार करते थे।
टैगोर ने आरोप लगाया कि भाजपा डीएमके और एआईएडीएमके के बीच जुड़ाव की कोशिश कर रही है, जो कांग्रेस के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा- कांग्रेस हमेशा सेकुलर गठबंधन के साथ खड़ी रही है। भाजपा के साथ कोई समझौता कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी।
अन्य कांग्रेस नेता ने भी दिया जवाब
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थिरुनावुक्करासर ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि डीएमके कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा रही है, इसलिए भाजपा की जीत के लिए डीएमके भी जिम्मेदार है। उन्होंने सुझाव दिया कि अब दोनों पार्टियां अलग-अलग रास्ते चुन लें।
उन्होंने कहा- हम अपने अपने गठबंधन के साथ आगे बढ़ें और राज्य के लोगों की भलाई के लिए काम करें। एक-दूसरे पर कड़वे शब्दों से हमला करना ठीक नहीं।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर चिंता
इस दौरान टैगोर ने कोयंबटूर में 10 साल की बच्ची के अपहरण और हत्या के मामले पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुका है और उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा- पुलिस को ऐसे मामले दोबारा नहीं होने देना चाहिए। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सीएम विजय को उम्मीद जताई कि वे इस दिशा में बेहतर काम करेंगे, क्योंकि लोग यही चाहते हैं।
गठबंधन की दरार साफ
यह विवाद उस वक्त सामने आया जब उदयनिधि स्टालिन ने कांग्रेस पर भाजपा की बड़ी जीत का ठीकरा फोड़ा। कांग्रेस अब साफ तौर पर कह रही है कि पुराने साथ के बावजूद कुछ सीमाएं हैं। भाजपा से किसी भी तरह का गठजोड़ बर्दाश्त नहीं होगा।
उधर, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि तमिलनाडु में आने वाले चुनावों को देखते हुए यह बहस गठबंधन की भविष्य की दिशा तय कर सकती है।
कांग्रेस डीएमके के साथ पुराना रिश्ता याद दिला रही है, लेकिन साथ ही अपनी अलग पहचान और सिद्धांतों पर भी जोर दे रही है।


