घर बनाना हुआ महंगा: निर्माण सामग्री के दामों में उछाल आने से घर बनाने वाले लोगों को करने पड़ रहे ज्यादा रुपए

घर बनाना हुआ महंगा: निर्माण सामग्री के दामों में उछाल आने से घर बनाने वाले लोगों को करने पड़ रहे ज्यादा रुपए

बीना. निर्माण सामग्री के दामों में आए अचानक उछाल ने मकान बनवा रहे लोगों की नींद उड़ा दी है। पिछले एक माह में सरिया की कीमतों में एक हजार रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी हो गई है। वहीं, सीमेंट भी 290 रुपए से 320 रुपए प्रति बैग बिक रहा है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में सीमेंट के दामों में 20 रुपए प्रति बैग की और तेजी आ सकती है। ऐसे में अपना घर बनाने का सपना देख रहे लोगों का बजट गड़बड़ा गया है। सबसे ज्यादा चिंता प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को सता रही है।

एक माह से अस्थिर हैं निर्माण सामग्री के दाम
मकान बना रहे लोगों व व्यापारियों के अनुसार पिछले एक माह से निर्माण सामग्री के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। सरिया की कीमतों में एक हजार रुपए प्रति क्ंिवटल का इजाफा हुआ है। वहीं, सीमेंट के दाम भी 290 से बढकऱ 320 रुपए प्रति बैग चल रहे हैं, जो और ज्यादा पहुंचने की संभावना है। इस बढ़ोत्तरी ने निर्माण कार्यों की लागत बढ़ा दी है।

पीएम आवास योजना पर सबसे ज्यादा असर
निर्माण सामग्री महंगी होने का सबसे ज्यादा असर प्रधानमंत्री आवास योजना पर पड़ रहा है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पीएम आवासों का निर्माण कार्य जारी है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 1.20 लाख रुपए और शहरी क्षेत्रों में 2.50 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाती है, लेकिन सामग्री के दाम बढऩे से निर्धारित बजट में मकान बनाना हितग्राहियों के लिए चुनौती बन गया है। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण कई परिवारों का बजट हाथ से बाहर हो चुका है।

एक्सपर्ट व्यू:
300 वर्गफीट के मकान पर 12000 रुपए का अतिरिक्त बोझ
सिविल इंजीनियर सचिन कटारे के अनुसार पीएम आवास योजना के तहत 300 वर्गफीट के एक मानक मकान के निर्माण में लगभग 150 बोरी सीमेंट और 7.50 क्ंिवटल सरिया लगता है। पहले जहां सीमेंट और सरिया पर 78 हजार 750 रुपए खर्च होते थे, जो अब बढकऱ 95 हजार 250 रुपए हो गई है। यानी प्रति मकान लगभग 16 हजार 500 रुपए का अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है। इसमें रेत और गिट्टी की बढ़ी हुई कीमतें शामिल नहीं हैं, जिससे वास्तविक लागत और अधिक हो सकती है।

शहर से गांव तक थमी निर्माण की रफ्तार
शहर सहित आसपास के बड़े कस्बों में भी महंगाई का असर साफ देखा जा रहा है। नए प्रोजेक्ट और अन्य सरकारी निर्माण कार्यों की लागत भी बढ़ गई है। अपना घर बना रहे लोगों का कहना है कि पहले ही मजदूरी और परिवहन खर्च बढ़ चुके थे, अब सामग्री महंगी होने से कई लोगों को निर्माण कार्य बीच में रोकना पड़ रहा है या कर्ज लेकर काम आगे बढ़ाना पड़ रहा है।

एक माह पहले के रेट
पहले अब
सीमेंट 290 320
रेत 5700 5500
लोहा 4700 5700

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *