पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की 142 सीटों पर वोटिंग शुरू हो गई है। बीजेपी के सामने करो या मरो की चुनौती है। वहीं तृणमूल अपना किला बरकरार रखना चाहती है। पढ़ें पूरी खबर…
आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) के दूसरे चरण की वोटिंग होनी है। कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल की 142 सीटों पर मतदान होना है। इस फेज में कई कद्दावर नेता चुनावी मैदान में हैं। सीएम व तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी भबानीपुर (Suvendu Adhikari Bhabanipur) से चुनौती दे रहे हैं। हिंसा को देखते हुए सुरक्षा चाक-चौबंद है। सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो गई है।
दांव पर है दक्षिण बंगाल का किला
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में बुधवार को 142 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। ये सभी सीटें दक्षिण बंगाल में हैं जो पिछले 15 साल से तृणमूल कांग्रेस का गढ़ रही है। पहले चरण में 23 अप्रैल को उत्तर बंगाल की 152 सीटों पर 93.17 फीसदी वोटिंग हुई थी जो एक रिकॉर्ड था।
भाजपा के लिए यह चुनाव करो या मरो वाली स्थिति है। पार्टी ने बंगाल में आज तक कभी सरकार नहीं बनाई। 2021 के चुनाव में दक्षिण बंगाल की 77 में से सिर्फ 18 सीटें जीत पाई थी। इसी वजह से पार्टी ने इस बार दक्षिण बंगाल में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्री यहां प्रचार में उतरे।
24 परगना पर टिकी हैं सबकी नजरें
जानकारों का कहना है कि उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिले इस चुनाव की दिशा तय करेंगे। इन दोनों जिलों में कुल 64 विधानसभा सीटें हैं। जो पार्टी यहां बाजी मारेगी, सत्ता उसी के करीब होगी।
बड़े नाम, बड़ी लड़ाई
कई सीटों पर दिलचस्प मुकाबले हो रहे हैं। टॉलीगंज में तृणमूल के भारी नेता अरूप बिस्वास का सामना भाजपा की अभिनेत्री पापिया अधिकारी से है। पानीहाटी में एक और भावनात्मक लड़ाई है जहां तृणमूल के तीर्थंकर घोष का मुकाबला आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और हत्या कांड की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ से है जो भाजपा की उम्मीदवार हैं। कोलकाता पोर्ट से तृणमूल के फिरहाद हकीम और भाजपा के राकेश सिंह आमने-सामने हैं।
वोटर लिस्ट से नाम कटे, मचा बवाल
इस चुनाव में सबसे गरमागरम मुद्दा बना है मतदाता सूची से लाखों नाम हटाने का। उत्तर 24 परगना में सबसे ज्यादा 12.6 लाख नाम काटे गए। दक्षिण 24 परगना में 10.91 लाख, कोलकाता में 6.97 लाख और हावड़ा में करीब 6 लाख नाम हटाए गए। कम से कम 25 सीटों पर हटाए गए नामों की संख्या पिछली जीत के अंतर से ज्यादा है। यानी इन कटौतियों का सीधा असर नतीजों पर पड़ सकता है।
हिंसा का डर बरकरार
चुनाव के साथ-साथ हिंसा की आशंका भी बनी हुई है। दक्षिण 24 परगना में तृणमूल कार्यकर्ता के घर से क्रूड बम मिले। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि केंद्रीय बल बंगाल में मतदान के 60 दिन बाद तक रहेंगे। तृणमूल ने इसे डर फैलाने की कोशिश बताया है।
शाम तक वोट पड़ जाएंगे लेकिन नतीजे 4 मई को आएंगे। उस दिन तय होगा कि ममता बनर्जी चौथी बार मुख्यमंत्री बनती हैं या बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनती है।


