West Bengal Election: पश्चिम बंगाल में 142 सीटोंं पर मतदान शुरू, ममता के गढ़ को भेदना बीजेपी के लिए चुनौती

West Bengal Election: पश्चिम बंगाल में 142 सीटोंं पर मतदान शुरू, ममता के गढ़ को भेदना बीजेपी के लिए चुनौती

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण में 142 सीटोंं पर मतदान शुरू हो गया है। आज बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती सीएम ममता बनर्जी के गढ़ को भेदने की होगी। 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election) के दूसरे और अंतिम चरण में आज कोलकाता सहित सात जिलों की 142 सीटों पर मतदान शुरू हो गया है। इस चरण में सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की टीएमसी (TMC) के गढ़ की राजनीतिक घेराबंदी तोड़कर कमल खिलाना बीजेपी (BJP) के लिए बड़ी चुनौती है। पिछले चुनाव में टीएमसी ने 142 में से 123 सीटों पर जीत हासिल की थी और बीजेपी सिर्फ 18 सीटों पर सिमट गई थी।

क्या बीजेपी की रणनीति होगी सफल?

बीजेपी को पिछली बार कोलकाता के साथ ही उत्तरी और पश्चिमी 24 परगना जिलों में एक भी सीट नहीं मिली थी। ममता के ‘माँ, माटी और मानुष’ नारे की राजनीति की अग्निपरीक्षा इसी चरण में देखने को मिलेगी और यह भी देखने को मिलेगा कि शहरी वोटरों में बीजेपी का घुसपैठिया, गरीब कल्याण और सुरक्षा जैसे नैरेटिव की रणनीति सफल होती है या नहीं।

भारी सुरक्षाबल तैनात

चुनाव आयोग ने भयमुक्त मतदान के लिए केंद्रीय अद्धसैनिक बलों सहित करीब ढाई लाख जवान तैनात कर चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की है। बमबारी की आशंका में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारी भी लगाए गए हैं। दूसरे चरण के मतदान से पहले आखिरी वक्त तक एसआईआर के तहत वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने या कटवाने के लिए लिए ट्रिब्युनल में लंबित 12.90 लाख अपीलों में से 1468 अपीलार्थियों को वोट देने की अनुमति दी गई। चुनाव नतीजे 4 मई को आएंगे।

‘किला बचाओ’ बनाम ‘किला भेदो’

पिछले चुनाव में टीएमसी ने महिला वोटर्स, अल्पसंख्यक समुदाय, भद्रलोक समेत अपने परंपरागत मतदाताओं के दम पर क्लीन स्वीप कर सत्ता की हैट्रिक लगाई थी। बीजेपी ने पिछले चुनाव में इन इलाकों में अच्छे खासे वोट लिए थे, लेकिन उसे सीटों में पूरी तरह तब्दील नहीं कर सकी। इस बार पार्टी ने माइक्रो-मैनेजमेंट, बूथ स्तर की मजबूती और ध्रुवीकरण के मुद्दों पर फोकस किया है। खासकर उन इलाकों में जहाँ पिछले चुनाव में हार का अंतर कम था। ममता अपने सबसे मज़बूत गढ़ को बचाने में पूरी ताकत झोंक रही हैं। ऐसे में यह इलाका टीएमसी के लिए ‘किला बचाओ’ और बीजेपी के लिए ‘किला भेदो’ का मैदान बना हुआ है। ज़्यादातर सीटों पर कांग्रेस और वामदल सीधे मुकाबले में नहीं हैं लेकिन इनका वोट शेयर टीएमसी और बीजेपी के समीकरणों को प्रभावित करेगा।

ममता बनाम सुवेन्दु

दूसरे चरण के सबसे चर्चित मुकाबलों में भवानीपुर सीट शामिल है, जहाँ ममता को टक्कर देने के लिए बीजेपी ने उनके सामने सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) को उतार कर मुकाबला रोचक बनाया है। इसके अलावा सुवेंदु नंदीग्राम से भी चुनाव लड़ रहे हैं, जहाँ पहले चरण में मतदान हो चुका है। पिछले चुनाव में इसी सीट पर सुवेंदु ने ममता को हराया था।

  

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