जमुई में जिला प्रशासन और बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (BIA) ने एक दिवसीय आउटरीच कार्यक्रम “अद्भुत जमुई पर्यटन एवं उद्योग विकास की नई दिशा” का आयोजन किया। बुधवार को समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में हुए इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों, निवेशकों और अधिकारियों ने जिले को एक उभरते औद्योगिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर चर्चा की। 70 के दशक का ‘स्लीपिंग टाउन’ अब पर्यटन क्षेत्र BIA के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए जमुई की समृद्ध विरासत और खनिज संपदा को जिले की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि सत्तर के दशक का ‘स्लीपिंग टाउन’ अब पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाने के लिए तैयार है। सिंह ने हेरिटेज, विलेज और एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कुकुरझप डैम पर रोपवे निर्माण, पर्यटन स्थलों पर साइनेज लगाने और स्थानीय युवाओं को टूरिस्ट गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने होम-स्टे योजना के तहत मिलने वाले ऋण का लाभ उठाने की भी अपील की। BIA के पूर्व अध्यक्ष संजय गोयनका ने औद्योगिक निवेश के लिए सरकार की नीतियों और बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जमुई में लगभग 7100 करोड़ रुपये के निवेश की योजना तैयार है, और कुछ परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। होटल उद्योग, सैटेलाइट सिटी और इको-टूरिज्म पार्क गोयनका ने होटल उद्योग, सैटेलाइट सिटी और इको-टूरिज्म पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण में मिल रही रियायतों को निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर बताया। एक अन्य पूर्व अध्यक्ष के.पी. केशरी ने जमुई की भौगोलिक स्थिति को इसकी बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि देवघर और कोलकाता के निकट होने के कारण यह एक महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र बन सकता है। जिला नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त-DM जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में जमुई को ‘बिहार का कोहिनूर’ बताया। उन्होंने कहा कि यह जिला अब नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। जिला पदाधिकारी ने सिमुलतला में वेलनेस सेंटर स्थापित करने और जिले के समग्र विकास के लिए तेजी से कार्य करने की बात भी कही। कार्यक्रम के अंत में यह निष्कर्ष निकला कि प्राकृतिक सौंदर्य, खनिज संपदा और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण जमुई निवेश और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जमुई में जिला प्रशासन और बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (BIA) ने एक दिवसीय आउटरीच कार्यक्रम “अद्भुत जमुई पर्यटन एवं उद्योग विकास की नई दिशा” का आयोजन किया। बुधवार को समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में हुए इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों, निवेशकों और अधिकारियों ने जिले को एक उभरते औद्योगिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर चर्चा की। 70 के दशक का ‘स्लीपिंग टाउन’ अब पर्यटन क्षेत्र BIA के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए जमुई की समृद्ध विरासत और खनिज संपदा को जिले की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि सत्तर के दशक का ‘स्लीपिंग टाउन’ अब पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाने के लिए तैयार है। सिंह ने हेरिटेज, विलेज और एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कुकुरझप डैम पर रोपवे निर्माण, पर्यटन स्थलों पर साइनेज लगाने और स्थानीय युवाओं को टूरिस्ट गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने होम-स्टे योजना के तहत मिलने वाले ऋण का लाभ उठाने की भी अपील की। BIA के पूर्व अध्यक्ष संजय गोयनका ने औद्योगिक निवेश के लिए सरकार की नीतियों और बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जमुई में लगभग 7100 करोड़ रुपये के निवेश की योजना तैयार है, और कुछ परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। होटल उद्योग, सैटेलाइट सिटी और इको-टूरिज्म पार्क गोयनका ने होटल उद्योग, सैटेलाइट सिटी और इको-टूरिज्म पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण में मिल रही रियायतों को निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर बताया। एक अन्य पूर्व अध्यक्ष के.पी. केशरी ने जमुई की भौगोलिक स्थिति को इसकी बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि देवघर और कोलकाता के निकट होने के कारण यह एक महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र बन सकता है। जिला नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त-DM जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में जमुई को ‘बिहार का कोहिनूर’ बताया। उन्होंने कहा कि यह जिला अब नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। जिला पदाधिकारी ने सिमुलतला में वेलनेस सेंटर स्थापित करने और जिले के समग्र विकास के लिए तेजी से कार्य करने की बात भी कही। कार्यक्रम के अंत में यह निष्कर्ष निकला कि प्राकृतिक सौंदर्य, खनिज संपदा और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण जमुई निवेश और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।


