जमुई में सिमुलतला आवासीय विद्यालय में अनियमितताओं के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शिक्षा विभाग ने विद्यालय के पूर्व प्राचार्य-सह-उप प्राचार्य सुनील कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जिला पदाधिकारी नवीन द्वारा गठित आरोप पत्र के आधार पर की गई है। जिला पदाधिकारी नवीन ने 16 मार्च 2026 को एक आरोप पत्र समर्पित किया था। इसमें विद्यालय के प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था। मामले की समीक्षा के बाद बिहार सरकारी सेवक नियमावली के तहत यह कार्रवाई की गई। लापरवाही के प्रति जीरो टॉलरेंस का स्पष्ट संदेश माना जा रहा
निलंबन अवधि के दौरान सुनील कुमार का मुख्यालय क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, पूर्णिया प्रमंडल निर्धारित किया गया है। साथ ही, इस मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जिला पदाधिकारी नवीन के इस कदम को प्रशासनिक गलियारों में भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति जीरो टॉलरेंस का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। पदभार ग्रहण करने के बाद अपने पहले निरीक्षण में ही डीएम ने विद्यालय की कार्य संस्कृति और शैक्षणिक स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की थी और सुधार का संकल्प लिया था। एक वर्ष में विद्यालय ने उल्लेखनीय प्रगति की है
डीएम के प्रयासों के परिणामस्वरूप बीते एक वर्ष में विद्यालय ने उल्लेखनीय प्रगति की है। मैट्रिक परीक्षा 2026 में संस्थान ने राज्य स्तर पर टॉपर दिए और उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए। यह कार्रवाई अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत करती है। जमुई में सिमुलतला आवासीय विद्यालय में अनियमितताओं के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शिक्षा विभाग ने विद्यालय के पूर्व प्राचार्य-सह-उप प्राचार्य सुनील कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जिला पदाधिकारी नवीन द्वारा गठित आरोप पत्र के आधार पर की गई है। जिला पदाधिकारी नवीन ने 16 मार्च 2026 को एक आरोप पत्र समर्पित किया था। इसमें विद्यालय के प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था। मामले की समीक्षा के बाद बिहार सरकारी सेवक नियमावली के तहत यह कार्रवाई की गई। लापरवाही के प्रति जीरो टॉलरेंस का स्पष्ट संदेश माना जा रहा
निलंबन अवधि के दौरान सुनील कुमार का मुख्यालय क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, पूर्णिया प्रमंडल निर्धारित किया गया है। साथ ही, इस मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जिला पदाधिकारी नवीन के इस कदम को प्रशासनिक गलियारों में भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति जीरो टॉलरेंस का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। पदभार ग्रहण करने के बाद अपने पहले निरीक्षण में ही डीएम ने विद्यालय की कार्य संस्कृति और शैक्षणिक स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की थी और सुधार का संकल्प लिया था। एक वर्ष में विद्यालय ने उल्लेखनीय प्रगति की है
डीएम के प्रयासों के परिणामस्वरूप बीते एक वर्ष में विद्यालय ने उल्लेखनीय प्रगति की है। मैट्रिक परीक्षा 2026 में संस्थान ने राज्य स्तर पर टॉपर दिए और उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए। यह कार्रवाई अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत करती है।


