राजस्थान के अलवर जिले में पिनाना क्षेत्र के डोरोली गांव के पास मंगलवार शाम करीब 6 बजे रफ्तार का कहर देखने को मिला। चश्मदीदों के मुताबिक एक कार बेहद तेज गति में और अनियंत्रित होकर चल रही थी। गढ़ीसवाईराम मार्ग पर नांगल-डोरोली के बीच पहुँचते ही इस बेकाबू कार ने सबसे पहले सामने से आ रही एक बाइक को टक्कर मारी।
इसके बाद कार चालक नियंत्रण खो बैठा और उसने थोड़ी ही दूरी पर आगे चल रही दूसरी बाइक को भी अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए और सड़क पर लहूलुहान हालत में लोग गिर पड़े।
रोकने पर भी नहीं रुका चालक
पहली बाइक पर रैणी के रामसिंहपुरा का रहने वाला 22 वर्षीय युवक नीरज पुत्र बाबूलाल मीना सवार था। नीरज अपने नाना के गांव मोनूका से वापस अपने गांव लौट रहा था। परिजनों ने बताया कि शाम को जब वह नाना के घर से निकल रहा था, तो परिवार वालों ने उसे रात में सफर न करने की सलाह देते हुए रोकने की कोशिश भी की थी।
लेकिन नीरज ने जरूरी काम होने की बात कहकर बाइक उठा ली। रास्ते में डोरोली के पास कार की भीषण टक्कर से नीरज की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने उसके शव को राजगढ़ अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है।
दूसरी बाइक पर सवार था परिवार, दादा की मौत
वहीं, दूसरी बाइक पर झाकड़ा निवासी सोहनपाल (50) पुत्र मोतीलाल प्रजापत, अपनी पत्नी चिम्मच देवी (45) और 5 वर्षीय पोते गोलू के साथ जा रहे थे। कार ने नीरज को टक्कर मारने के बाद सोहनपाल की बाइक को भी बुरी तरह रौंद दिया। हादसे के बाद सोहनपाल, उनकी पत्नी और मासूम पोता गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत सभी घायलों को राजगढ़ अस्पताल पहुंचाया।
इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम
घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए राजगढ़ के डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत अलवर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। लेकिन बदकिस्मती से सोहनपाल ने अलवर पहुँचने से पहले रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं, उनकी पत्नी चिम्मच देवी और पोते गोलू की हालत गंभीर बनी हुई है और अलवर के अस्पताल में उनका इलाज जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद मृतकों के गाँव और परिवार में मातम पसरा हुआ है।


