अलवर के मालाखेड़ा थाना क्षेत्र के अचलपुरी गांव में पारिवारिक जमीन विवाद के बीच 37 वर्षीय कमल सिंह की मौत के बाद मामला गरमा गया है। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मिनी सचिवालय के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। परिजनों का कहना है कि जब तक मामले में कार्रवाई नहीं होती, वे धरना जारी रखेंगे।
मृतक के भाई धनपाल ने आरोप लगाया कि गांव के ही कुछ दबंग लोग उनकी करीब 10 बीघा पुश्तैनी जमीन को छोड़ने और उसे बेचने के लिए परिवार पर लगातार दबाव बना रहे थे। उनका आरोप है कि इस दौरान कमल सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों को मानसिक रूप से परेशान किया गया और धमकियां भी दी गईं।
परिजनों के अनुसार, जमीन पर उनका कब्जा होने के बावजूद आरोपियों की ओर से उन्हें बुआई नहीं करने दी जा रही थी। धनपाल का यह भी आरोप है कि करीब दो महीने पहले उनके साथ जानलेवा हमला किया गया था। इस घटना में उन्हें 16 टांके आए थे। परिवार का कहना है कि लगातार चल रहे विवाद और कथित प्रताड़ना से कमल सिंह काफी परेशान थे।
कमल सिंह की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया। मृतक अपने पीछे छह बेटियां छोड़ गया है। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में मिनी सचिवालय पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की।
इसके बाद परिजनों का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग रखी। परिजनों ने कहा कि जब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे धरना जारी रखेंगे। उन्होंने शव लेने से भी इनकार करने की बात कही है।
मामले को लेकर मिनी सचिवालय और एसपी कार्यालय के बाहर तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
फिलहाल परिवार की ओर से लगाए गए जमीन विवाद, धमकी और प्रताड़ना के आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस यह भी जांच करेगी कि जमीन विवाद और कमल सिंह की मौत के बीच क्या संबंध था। परिजनों की शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

