इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के मामले में स्पष्ट जवाब नहीं देने पर बृहस्पतिवार को प्रदेश के मुख्य सचिव और तीन वरिष्ठ अधिकारियों को समन जारी कर अदालत में पेश होने को कहा। राज्य सरकार ने स्पष्ट रूप से यह जवाब नहीं दिया कि क्या उसके बिजली निगम, रिहंद नदी से पानी निकालने के लिए हिंडाल्को इंडस्ट्रीज पर शुल्क लगाने के लिए कानूनी रूप से अधिकृत हैं या नहीं। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति राजीव भारती की पीठ ने मुख्य सचिव को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सुनवाई में शामिल होने का निर्देश दिया।
पीठ ने अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव, सिंचाई विभाग, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव ऊर्जा विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के प्रबंध निदेशक को 31 अगस्त को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। पीठ ने हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड और अन्य द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।


