Punjab MLA Hostel Heritage Chairs Auction: चंडीगढ़ के सेक्टर-4 में स्थित पंजाब MLA हॉस्टल की पुरानी ऐतिहासिक कुर्सियों और स्टूलों की अमेरिका में नीलामी होने के बाद नया विवाद शुरू हो गया है। 4 जून को शिकागो में नीलामी हुई थी, जिसमें दो कुर्सियां और चार स्टूल करीब 72,720 डॉलर यानी लगभग 59 लाख रुपये में बिके। यह मामला विवाद का कारण इसलिए बना, क्योंकि यह सामान पंजाब विधानसभा और चंडीगढ़ के मशहूर कैपिटल प्रोजेक्ट से जुड़ा बताया जा रहा है। ऐसे में हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान को पत्र लिखकर जवाब मांगा है।
अजय जग्गा ने पत्र में क्या लिखा?
अजय जग्गा ने पत्र लिखते हुए यह पूछा है कि पंजाब MLA हॉस्टल से जुड़ी इन विरासत वस्तुओं की बिक्री की अनुमति किसने दी और क्या इसके लिए सभी जरूरी सरकारी मंजूरियां ली गई थीं। हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल चंडीगढ़ प्रशासन की बनाई हुई एक विशेष समिति है। इस समिति का काम शहर की ऐतिहासिक और विरासत से जुड़ी कीमती फर्नीचर और अन्य वस्तुओं का रिकॉर्ड तैयार करना, उनका पता रखना और उनकी अवैध बिक्री या तस्करी को रोकना है। यह समिति इस बात पर भी नजर रखती है कि ऐसी महत्वपूर्ण विरासत वस्तुएं कहीं गायब न हों या गलत तरीके से बेची न जाएं। इस समिति की अगुवाई चंडीगढ़ के मुख्य सचिव करते हैं।
यह मामला इसलिए और गंभीर हो गया है क्योंकि गृह मंत्रालय पहले ही विरासत वस्तुओं की आवाजाही, बिक्री और विदेश भेजे जाने पर निगरानी रखने के निर्देश जारी कर चुका है। उसके बाद भी पंजाब MLA से जुड़े सामान का नीलामी घर तक पहुंचना मुद्दा बन गया है।
नीलामी की तस्वीरों से मिला बड़ा सुराग
अमेरिका की नीलामी संस्था राइट (Wright) ने इन विरासत कुर्सियों और स्टूलों की बिक्री की थी। नीलामी घर की वेबसाइट पर डाली गई फोटोज में कुर्सियों पर MLA (H) PB/1/B-11 लिखा हुआ दिखाई दिया। इस मार्किंग से पक्का हो गया कि यह सामान पंजाब MLA हॉस्टल का था। तस्वीरें सामने आने के बाद इस मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
संविधान के अनुच्छेद 49 का उल्लंघन
अजय जग्गा का कहना है कि ये वस्तुएं चंडीगढ़ के ऐतिहासिक कैपिटल प्रोजेक्ट का हिस्सा थीं और उनका शिकागो स्थित नीलामी घर के माध्यम से बेचा जाना संविधान के अनुच्छेद 49 का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने एक बार फिर पंजाब विधानसभा और पंजाब MLA हॉस्टल से जुड़ी विरासत वस्तुओं की संरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वहीं पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक उन्हें इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
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