कैमूर जिले में आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश से विद्युत व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी। भभुआ प्रमंडल के कई 33 केवी और 11 केवी फीडर ठप हो गए थे, जिससे बड़े क्षेत्र में बिजली गुल हो गई। हालांकि, जिला प्रशासन और विद्युत विभाग की सक्रियता से युद्धस्तर पर अभियान चलाकर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। प्राकृतिक आपदा के कारण जिले में भारी नुकसान हुआ। तेज हवाओं से कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर बिजली के तारों पर गिर गए। इससे 33 केवी के 17 पोल और 11 केवी के 52 पोल क्षतिग्रस्त हो गए। दर्जनों पिन इंसुलेटर पंचर हो गए और 6 ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए, जिससे स्थिति गंभीर हो गई थी। 52 स्थानों पर टूटे तारों की हुई मरम्मत विद्युत कार्यपालक अभियंता ई. शशिकांत कुमार ने बताया कि अभियंताओं और तकनीकी कर्मियों की टीमों ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद दिन-रात काम किया। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 केवी के सभी 43 फीडरों को चालू कर दिया। 52 स्थानों पर टूटे तारों को जोड़ा गया और क्षतिग्रस्त पोलों को दुरुस्त कर बिजली संकट को दूर किया गया। उपभोक्ताओं से सतर्कता बदलने की अपील प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुख्य फीडरों की आपूर्ति बहाल हो चुकी है। अब स्थानीय स्तर की छोटी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जा रहा है। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी टूटे हुए तार या क्षतिग्रस्त उपकरण के पास न जाएं और आपात स्थिति में तुरंत विभाग को सूचित करें। बड़वरा गांव में 30 घंटों से पावर कट वहीं रामगढ़ क्षेत्र के बड़वरा गांव में पिछले 30 घंटों से बिजली आपूर्ति ठप है। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने बीती रात रामगढ़ पावर हाउस का घेराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण करीब 5,000 की आबादी वाला यह गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। धरने पर बैठे ग्रामीण नवीन कुमार ने बताया कि बिजली न होने से गांव में पानी की भारी किल्लत हो गई है। घरों में पीने का पानी भी उपलब्ध नहीं है, जिससे दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि विभाग मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने में विफल रहा है। असामाजिक तत्वों ने बिजली लाइनों में डाली बाधा ग्रामीणों ने कनीय अभियंता से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने मौके पर आने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्वों ने बिजली लाइनों में बाधा डाली है। विभाग ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, लेकिन बिजली बहाली के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं होती और समस्या का स्थायी समाधान नहीं मिलता, उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। ग्रामीण देर रात तक पावर हाउस परिसर में डटे रहे और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि यदि जल्द स्थिति नहीं सुधरी, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। कैमूर जिले में आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश से विद्युत व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी। भभुआ प्रमंडल के कई 33 केवी और 11 केवी फीडर ठप हो गए थे, जिससे बड़े क्षेत्र में बिजली गुल हो गई। हालांकि, जिला प्रशासन और विद्युत विभाग की सक्रियता से युद्धस्तर पर अभियान चलाकर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। प्राकृतिक आपदा के कारण जिले में भारी नुकसान हुआ। तेज हवाओं से कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर बिजली के तारों पर गिर गए। इससे 33 केवी के 17 पोल और 11 केवी के 52 पोल क्षतिग्रस्त हो गए। दर्जनों पिन इंसुलेटर पंचर हो गए और 6 ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए, जिससे स्थिति गंभीर हो गई थी। 52 स्थानों पर टूटे तारों की हुई मरम्मत विद्युत कार्यपालक अभियंता ई. शशिकांत कुमार ने बताया कि अभियंताओं और तकनीकी कर्मियों की टीमों ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद दिन-रात काम किया। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 केवी के सभी 43 फीडरों को चालू कर दिया। 52 स्थानों पर टूटे तारों को जोड़ा गया और क्षतिग्रस्त पोलों को दुरुस्त कर बिजली संकट को दूर किया गया। उपभोक्ताओं से सतर्कता बदलने की अपील प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुख्य फीडरों की आपूर्ति बहाल हो चुकी है। अब स्थानीय स्तर की छोटी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जा रहा है। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी टूटे हुए तार या क्षतिग्रस्त उपकरण के पास न जाएं और आपात स्थिति में तुरंत विभाग को सूचित करें। बड़वरा गांव में 30 घंटों से पावर कट वहीं रामगढ़ क्षेत्र के बड़वरा गांव में पिछले 30 घंटों से बिजली आपूर्ति ठप है। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने बीती रात रामगढ़ पावर हाउस का घेराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण करीब 5,000 की आबादी वाला यह गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। धरने पर बैठे ग्रामीण नवीन कुमार ने बताया कि बिजली न होने से गांव में पानी की भारी किल्लत हो गई है। घरों में पीने का पानी भी उपलब्ध नहीं है, जिससे दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि विभाग मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने में विफल रहा है। असामाजिक तत्वों ने बिजली लाइनों में डाली बाधा ग्रामीणों ने कनीय अभियंता से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने मौके पर आने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्वों ने बिजली लाइनों में बाधा डाली है। विभाग ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, लेकिन बिजली बहाली के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं होती और समस्या का स्थायी समाधान नहीं मिलता, उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। ग्रामीण देर रात तक पावर हाउस परिसर में डटे रहे और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि यदि जल्द स्थिति नहीं सुधरी, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।


