किशनगंज की मिठाई दुकानों में मिलावट, गंदगी और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला सामने आया है। त्योहारों और शादियों के मौसम में इन दुकानों पर भीड़ रहती है, लेकिन कई जगहों पर ग्राहकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। हालिया जांच में शहर के गांधी चौक, नीमचंद रोड, लोहागारा मार्केट और बंगांव क्षेत्र की कई मिठाई दुकानों में चौंकाने वाली अनियमितताएं पाई गईं। कुछ दुकानों में खोया और पनीर में फंगस, कीड़े और गंदगी मिली। इसके अतिरिक्त, कई स्थानों पर मिठाइयां खुले में रखी थीं, जिन पर मक्खियां और धूल जमा थी। दुकानों में सफाई का रहता है अभाव स्थानीय निवासी रामेश्वर प्रसाद ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “हम सालों से यहीं से मिठाई खरीदते आ रहे हैं, लेकिन अब डर लगता है। बच्चों को खिलाने से पहले सोचना पड़ता है।” एक अन्य ग्राहक ने बताया कि त्योहारों में दुकानें रात-दिन चलती हैं, लेकिन सफाई का अभाव रहता है। जांच के दौरान उत्पादन कक्षों में कर्मचारियों को बिना ग्लव्स और हेडकवर के काम करते देखा गया। साथ ही, पानी की टंकियां गंदी और खुली पाई गईं, जो स्वच्छता मानकों का सीधा उल्लंघन है। नियमों का उल्लंघन करती पाई गईं छोटी दुकानें FSSAI और जिला खाद्य सुरक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, प्रत्येक मिठाई दुकान को लाइसेंस लेना, मैन्युफैक्चरिंग और बेस्ट बिफोर डेट लिखना तथा स्वच्छता मानकों का पालन करना अनिवार्य है। हालांकि, किशनगंज में ज्यादातर छोटी दुकानें इन नियमों का उल्लंघन करती पाई गईं। कुछ बड़े ब्रांडेड आउटलेट नियमों का पालन करते दिखते हैं, लेकिन बाजार के अधिकांश हिस्सों में छापेमारी के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। फूड पॉइजनिंग के मामले बढ़े सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. गौरव ने बताया कि मिलावट के कारण तत्काल फूड पॉइजनिंग के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि किशनगंज के सीमांचल क्षेत्र में नाइरोबी फ्लाई जैसी समस्याएं मिठाइयों को आकर्षित कर सकती हैं, जिससे स्वास्थ्य जोखिम और बढ़ जाता है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे ब्रांडेड पैकेट वाली मिठाई ही खरीदें, खुले में रखी चीजों से परहेज करें और किसी भी संदेह की स्थिति में सैंपल जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग से संपर्क करें। किशनगंज की मिठाई दुकानों में मिलावट, गंदगी और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला सामने आया है। त्योहारों और शादियों के मौसम में इन दुकानों पर भीड़ रहती है, लेकिन कई जगहों पर ग्राहकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। हालिया जांच में शहर के गांधी चौक, नीमचंद रोड, लोहागारा मार्केट और बंगांव क्षेत्र की कई मिठाई दुकानों में चौंकाने वाली अनियमितताएं पाई गईं। कुछ दुकानों में खोया और पनीर में फंगस, कीड़े और गंदगी मिली। इसके अतिरिक्त, कई स्थानों पर मिठाइयां खुले में रखी थीं, जिन पर मक्खियां और धूल जमा थी। दुकानों में सफाई का रहता है अभाव स्थानीय निवासी रामेश्वर प्रसाद ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “हम सालों से यहीं से मिठाई खरीदते आ रहे हैं, लेकिन अब डर लगता है। बच्चों को खिलाने से पहले सोचना पड़ता है।” एक अन्य ग्राहक ने बताया कि त्योहारों में दुकानें रात-दिन चलती हैं, लेकिन सफाई का अभाव रहता है। जांच के दौरान उत्पादन कक्षों में कर्मचारियों को बिना ग्लव्स और हेडकवर के काम करते देखा गया। साथ ही, पानी की टंकियां गंदी और खुली पाई गईं, जो स्वच्छता मानकों का सीधा उल्लंघन है। नियमों का उल्लंघन करती पाई गईं छोटी दुकानें FSSAI और जिला खाद्य सुरक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, प्रत्येक मिठाई दुकान को लाइसेंस लेना, मैन्युफैक्चरिंग और बेस्ट बिफोर डेट लिखना तथा स्वच्छता मानकों का पालन करना अनिवार्य है। हालांकि, किशनगंज में ज्यादातर छोटी दुकानें इन नियमों का उल्लंघन करती पाई गईं। कुछ बड़े ब्रांडेड आउटलेट नियमों का पालन करते दिखते हैं, लेकिन बाजार के अधिकांश हिस्सों में छापेमारी के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। फूड पॉइजनिंग के मामले बढ़े सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. गौरव ने बताया कि मिलावट के कारण तत्काल फूड पॉइजनिंग के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि किशनगंज के सीमांचल क्षेत्र में नाइरोबी फ्लाई जैसी समस्याएं मिठाइयों को आकर्षित कर सकती हैं, जिससे स्वास्थ्य जोखिम और बढ़ जाता है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे ब्रांडेड पैकेट वाली मिठाई ही खरीदें, खुले में रखी चीजों से परहेज करें और किसी भी संदेह की स्थिति में सैंपल जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग से संपर्क करें।


