Achilles tendon Rupture: जब हम चलते हैं, दौड़ते हैं या कूदते हैं, तो हमारे पैर का निचला हिस्सा हमारे शरीर का सारा वजन संभालता है। लेकिन कई बार एड़ी के ठीक ऊपर पिंडली के पीछे इतना तेज दर्द होता है कि कदम बढ़ाना भी मुश्किल हो जाता है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, अगर किसी को एड़ी के पास अचानक झटका, तेज दर्द या सूजन महसूस होती है, तो यह एच्लीस टेंडन (Achilles tendon) के फटने या उसमें गहरी चोट का संकेत हो सकता है। चिकित्सा जगत में इसे एक गंभीर स्थिति माना जाता है। आइए जानते हैं कि ऐसा किस कारण से होता है? इसके कारण, लक्षण और बचाव के उपाय क्या होते हैं?
एच्लीस टेंडन क्या है और यह शरीर में क्या काम करता है?
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, एच्लीस टेंडन हमारे शरीर का सबसे मजबूत और सबसे बड़ा टेंडन (रस्सी जैसा मजबूत ऊतक या टिश्यू) होता है। यह आपकी पिंडली की मांसपेशियों (Calf muscles) को आपकी एड़ी की हड्डी (Calcaneus) से जोड़ता है। जब भी आप सीढ़ियां चढ़ते हैं, दौड़ते हैं, कूदते हैं या अपने पंजों के बल खड़े होते हैं, तो यह टेंडन खींचकर आपके पैर को नीचे की तरफ झुकने में मदद करता है। साधारण शब्दों में कहें तो, बिना एच्लीस टेंडन के हम पैर का पंजा ज़मीन पर दबाकर आगे कदम भी नहीं बढ़ा सकते। भले ही यह बहुत मजबूत होता है, लेकिन लगातार खिंचाव या अचानक बहुत ज्यादा दबाव पड़ने के कारण यह कमजोर हो सकता है या बीच में से फट भी सकता है।
एच्लीस टेंडन फटने के मुख्य कारण क्या हैं?
एच्लीस टेंडन का फटना आमतौर पर अचानक आई चोट के कारण होता है। जब टेंडन पर उसकी सहने की क्षमता से ज्यादा खिंचाव पड़ता है, तो यह आंशिक रूप से (Partially) या पूरी तरह से (Completely) टूट जाता है। इसके मुख्य कारणों में निम्नलिखित शामिल हैं;
- अचानक गति या दिशा बदलना।
- बिना वार्म-अप के भारी कसरत करना।
- गड्ढे या सीढ़ी से पैर फिसलना।
- उम्र का प्रभाव।
टेंडन फटने के लक्षण: इसे कैसे पहचानें?
जब एच्लीस टेंडन फटता है, तो इसके लक्षण काफी साफ और अचानक महसूस होते हैं;
- पॉप या टूटने की आवाज आना।
- एड़ी के पीछे तेज दर्द।
- सूजन और नीले निशान पढ़ना।
- पंजों के बल खड़े न हो पाना।
- पैर में कमजोरी।
किन लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है?
- 30 से 50 वर्ष की आयु के लोगों में।
- पुरुषों में अधिक होना।
- सप्ताहांत के खिलाड़ी (Weekend Athletes)।
- मोटापा।
एच्लीस टेंडन की चोट से कैसे बचें?
- नियमित स्ट्रेचिंग करें।
- वर्कआउट में विविधता लाएं।
- सही जूते पहनें।
- कसरत धीरे-धीरे बढ़ाएं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

