मुंगेर के नक्सल प्रभावित पैसरा क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ी और जंगलों में नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। गुरुवार को सीआरपीएफ की 215वीं बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में लड़ैयाटांड़ थाना क्षेत्र के कठौतिया पहाड़ के जंगल से एक देसी राइफल, एक देसी कट्टा और 19 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इनमें एके-47 के 15, 7.62 एमएम का एक और 9 एमएम के तीन कारतूस शामिल हैं। बरामदगी के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान और तेज कर दिया। गुप्त सूचना पर जंगल में शुरू हुई तलाशी एसपी सैयद इमरान मसूद के निर्देश पर सीआरपीएफ की बी/215वीं बटालियन के पैसरा कैंप और स्थानीय लड़ैयाटांड़ थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान पैसरा कैंप से करीब चार किलोमीटर उत्तर-पूर्व दिशा में कठौतिया पहाड़ के जंगल में चट्टानों के बीच संदिग्ध सामान दिखाई दिया। इसके बाद बम निरोधक एवं निष्क्रियकरण दस्ते (बीडीडीएस) की टीम ने सावधानीपूर्वक जांच की। तलाशी लेने पर प्लास्टिक की बोरी में छिपाकर रखे गए हथियार और कारतूस मिले। सुरक्षा बलों ने सभी सामान को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। कमांडेंट के निर्देश पर चला अभियान यह अभियान सीआरपीएफ कमांडेंट विनोद कुमार मोहरिल के दिशा-निर्देश में चलाया गया। इसका नेतृत्व द्वितीय कमान अधिकारी सुरेंद्र सिंह और सहायक कमांडेंट अनुज पाठक ने किया। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने दुर्गम पहाड़ी और आसपास के जंगलों में भी तलाशी ली। गुरुवार देर शाम तक सर्च ऑपरेशन जारी रहा। हथियार किसने छिपाए, जांच में जुटी पुलिस हथियार और कारतूस जंगल में किस उद्देश्य से छिपाकर रखे गए थे, इसकी जांच की जा रही है। सुरक्षा बल यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि इन्हें यहां तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका रही है। साथ ही, बरामद हथियार और कारतूस पहले से छिपाकर रखे गए थे या हाल में वहां पहुंचाए गए, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में एक बार फिर हथियार और कारतूस मिलने से इलाके में चर्चा तेज हो गई है। सुरक्षा बलों की ओर से एहतियातन आसपास के जंगलों में निगरानी और तलाशी बढ़ा दी गई है। मुंगेर के नक्सल प्रभावित पैसरा क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ी और जंगलों में नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। गुरुवार को सीआरपीएफ की 215वीं बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में लड़ैयाटांड़ थाना क्षेत्र के कठौतिया पहाड़ के जंगल से एक देसी राइफल, एक देसी कट्टा और 19 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इनमें एके-47 के 15, 7.62 एमएम का एक और 9 एमएम के तीन कारतूस शामिल हैं। बरामदगी के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान और तेज कर दिया। गुप्त सूचना पर जंगल में शुरू हुई तलाशी एसपी सैयद इमरान मसूद के निर्देश पर सीआरपीएफ की बी/215वीं बटालियन के पैसरा कैंप और स्थानीय लड़ैयाटांड़ थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान पैसरा कैंप से करीब चार किलोमीटर उत्तर-पूर्व दिशा में कठौतिया पहाड़ के जंगल में चट्टानों के बीच संदिग्ध सामान दिखाई दिया। इसके बाद बम निरोधक एवं निष्क्रियकरण दस्ते (बीडीडीएस) की टीम ने सावधानीपूर्वक जांच की। तलाशी लेने पर प्लास्टिक की बोरी में छिपाकर रखे गए हथियार और कारतूस मिले। सुरक्षा बलों ने सभी सामान को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। कमांडेंट के निर्देश पर चला अभियान यह अभियान सीआरपीएफ कमांडेंट विनोद कुमार मोहरिल के दिशा-निर्देश में चलाया गया। इसका नेतृत्व द्वितीय कमान अधिकारी सुरेंद्र सिंह और सहायक कमांडेंट अनुज पाठक ने किया। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने दुर्गम पहाड़ी और आसपास के जंगलों में भी तलाशी ली। गुरुवार देर शाम तक सर्च ऑपरेशन जारी रहा। हथियार किसने छिपाए, जांच में जुटी पुलिस हथियार और कारतूस जंगल में किस उद्देश्य से छिपाकर रखे गए थे, इसकी जांच की जा रही है। सुरक्षा बल यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि इन्हें यहां तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका रही है। साथ ही, बरामद हथियार और कारतूस पहले से छिपाकर रखे गए थे या हाल में वहां पहुंचाए गए, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में एक बार फिर हथियार और कारतूस मिलने से इलाके में चर्चा तेज हो गई है। सुरक्षा बलों की ओर से एहतियातन आसपास के जंगलों में निगरानी और तलाशी बढ़ा दी गई है।

