मुजफ्फरपुर में पारू के एक स्कूल में छात्राओं से बैड टच का मामला सामने आया है। गुरुवार को चार बच्चियों और उनकी मां को बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट लाया गया। पुलिस ने बच्चियों से घटना को लेकर जानकारी ली। वहीं, स्कूल के प्रिंसिपल को भी डीईओ कार्यालय बुलाया गया। इस आरोप में शिक्षक रतन कुमार सहनी को निलंबित कर दिया गया है। डीएम के निर्देश पर डीईओ ने कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में शिक्षक का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, साहेबगंज का कार्यालय निर्धारित किया गया है। ग्राउंड पर पहुंचने पर कक्षा 7वीं की एक छात्रा ने बताया कि आरोपी शिक्षक पढ़ाते समय कभी गाल, कभी पीठ और कभी गर्दन के पास टच करते थे। छात्रा के अनुसार, उन्हें शिक्षक का इस तरह छूना अच्छा नहीं लगता था। उसने दावा किया कि ऐसी हरकत सिर्फ उसके साथ नहीं, बल्कि कई लड़कियों के साथ हुई है। एग्जाम से पहले की घटना, क्लास टीचर को बताई बात छात्राओं के अनुसार, परीक्षा से पहले 8-9 सितंबर के आसपास ऐसी हरकत हुई थी। इसके बाद बच्चियों ने इसकी जानकारी अपनी क्लास टीचर को दी। क्लास टीचर ने मामले की जानकारी स्कूल की प्रिंसिपल को दी। बच्चियों और उनके परिजनों का आरोप है कि इसके बाद भी तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि प्रिंसिपल की ओर से कहा गया कि पहले परीक्षा खत्म होने दीजिए, इसके बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी। परिजनों के अनुसार परीक्षा खत्म होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्हें पुलिस के पास जाना पड़ा। हालांकि, इस संबंध में स्कूल प्रबंधन का पक्ष आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। 2024 में भी इसी शिक्षक पर लगा था आरोप इस मामले में एक पुराना पहलू भी सामने आया है। स्कूल में मौजूद लोगों और पूर्व शिकायत से जुड़ी जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में भी इसी शिक्षक पर कक्षा 7वीं की एक छात्रा ने गलत तरीके से टच करने का आरोप लगाया था। उस समय छात्रा ने क्लास टीचर को इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद स्कूल की तत्कालीन और वर्तमान प्रिंसिपल को भी मामले की जानकारी हुई थी। आरोपी शिक्षक को अलग बैठाकर उससे इस बारे में पूछताछ की गई थी। तब शिक्षक ने कथित तौर पर कहा था कि स्कूल की सभी बच्चियों को वह अपनी बच्चियों की तरह समझते हैं और उनकी कोई गलत नीयत नहीं थी। उन्होंने बच्चियों को अपनी बच्ची समझकर डांटने-फटकारने की बात कही थी। इसके बाद उन्हें सख्त हिदायत दी गई थी कि बच्चियों को पढ़ाते समय किसी तरह का टच नहीं करेंगे। उस समय मामला शांत हो गया था। करीब दो साल बाद अब एक बार फिर इसी तरह के आरोप सामने आए हैं। इस बार शिकायत करने वाली छात्राओं की संख्या पहले की तुलना में अधिक बताई जा रही है। 6वीं, 7वीं और 8वीं की बच्चियों का दावा स्कूल में मौजूद छात्राओं से मिली जानकारी के अनुसार, 6वीं, 7वीं और 8वीं कक्षा की करीब 10-12 लड़कियों के साथ ऐसी हरकत किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, फिलहाल चार बच्चियों और उनके परिजनों ने पुलिस में शिकायत की है। स्कूल में कई बच्चियां इस मामले पर बात करने से हिचकती नजर आईं। वहीं, कुछ छात्राओं ने सामने आकर अपने साथ हुई घटना के बारे में जानकारी दी। एक छात्रा ने कहा कि उन्हें गुड टच और बैड टच के बारे में स्कूल में बताया गया है। इसलिए उन्हें पता है कि किस तरह का स्पर्श सामान्य है और किस तरह का व्यवहार असहज कर सकता है। छात्राओं का कहना है कि शिक्षक के इस तरह छूने से उन्हें असहज महसूस होता था। बच्चियों का कहना है कि ऐसे शिक्षक को स्कूल से हटा देना चाहिए। उनका कहना है कि आरोपी शिक्षक के पढ़ाने के दौरान उन्हें अब अच्छा नहीं लगता। स्कूल में 11 शिक्षक, 9 महिला और 2 पुरुष स्कूल में कुल 11 शिक्षक हैं। इनमें 9 महिला शिक्षक और दो पुरुष शिक्षक हैं। आरोपों के घेरे में आए शिक्षक इन्हीं दो पुरुष शिक्षकों में से एक हैं। स्कूल की कुछ महिला शिक्षकों ने बताया कि आरोपी शिक्षक का व्यवहार उनके साथ कभी गलत नहीं रहा। उन्होंने बताया कि शिक्षक पढ़ाने में अच्छे हैं और महिला शिक्षकों के साथ उनका व्यवहार सामान्य रहा है। हालांकि, आरोपों को लेकर स्कूल की अन्य शिक्षिकाएं कोई स्पष्ट टिप्पणी करने से बचती रहीं। कुछ ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि बच्चियां ऐसा क्यों कह रही हैं, लेकिन उनके अनुभव में शिक्षक का व्यवहार अच्छा रहा है। 12 साल से इसी स्कूल में पढ़ा रहे शिक्षक जानकारी के अनुसार आरोपी शिक्षक करीब 12 साल से इसी विद्यालय में पदस्थापित हैं। उनकी शादी हो चुकी है। फिलहाल पुलिस उन्हें फरार बता रही है और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है। वहीं, स्कूल के शिक्षकों के अनुसार आरोपी शिक्षक ने करीब एक महीने पहले ही छुट्टी के लिए आवेदन दिया था और वह फिलहाल बाहर गए हुए हैं। इस बिंदु की भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने दर्ज की FIR, बयान के आधार पर जांच मामले में छात्राओं के बयान और परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसडीपीओ सरैया अभिजीत कौर के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में छात्राओं ने बताया है कि शिक्षक द्वारा गलत टच की हरकत होली के आसपास से किए जाने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने स्कूल पहुंचकर भी जानकारी ली थी। अब बच्चियों के बयान, स्कूल प्रशासन को दी गई कथित पुरानी सूचना और 2024 की शिकायत समेत सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीईओ ने की कार्रवाई, आरोपी टीचर निलंबित पारू प्रखंड के मध्य विद्यालय में छात्राओं के साथ बदसलूकी के आरोप में शिक्षक रतन कुमार सहनी को निलंबित कर दिया गया है। डीएम के निर्देश पर डीईओ ने कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में शिक्षक का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, साहेबगंज का कार्यालय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। मुजफ्फरपुर में पारू के एक स्कूल में छात्राओं से बैड टच का मामला सामने आया है। गुरुवार को चार बच्चियों और उनकी मां को बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट लाया गया। पुलिस ने बच्चियों से घटना को लेकर जानकारी ली। वहीं, स्कूल के प्रिंसिपल को भी डीईओ कार्यालय बुलाया गया। इस आरोप में शिक्षक रतन कुमार सहनी को निलंबित कर दिया गया है। डीएम के निर्देश पर डीईओ ने कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में शिक्षक का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, साहेबगंज का कार्यालय निर्धारित किया गया है। ग्राउंड पर पहुंचने पर कक्षा 7वीं की एक छात्रा ने बताया कि आरोपी शिक्षक पढ़ाते समय कभी गाल, कभी पीठ और कभी गर्दन के पास टच करते थे। छात्रा के अनुसार, उन्हें शिक्षक का इस तरह छूना अच्छा नहीं लगता था। उसने दावा किया कि ऐसी हरकत सिर्फ उसके साथ नहीं, बल्कि कई लड़कियों के साथ हुई है। एग्जाम से पहले की घटना, क्लास टीचर को बताई बात छात्राओं के अनुसार, परीक्षा से पहले 8-9 सितंबर के आसपास ऐसी हरकत हुई थी। इसके बाद बच्चियों ने इसकी जानकारी अपनी क्लास टीचर को दी। क्लास टीचर ने मामले की जानकारी स्कूल की प्रिंसिपल को दी। बच्चियों और उनके परिजनों का आरोप है कि इसके बाद भी तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि प्रिंसिपल की ओर से कहा गया कि पहले परीक्षा खत्म होने दीजिए, इसके बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी। परिजनों के अनुसार परीक्षा खत्म होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्हें पुलिस के पास जाना पड़ा। हालांकि, इस संबंध में स्कूल प्रबंधन का पक्ष आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। 2024 में भी इसी शिक्षक पर लगा था आरोप इस मामले में एक पुराना पहलू भी सामने आया है। स्कूल में मौजूद लोगों और पूर्व शिकायत से जुड़ी जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में भी इसी शिक्षक पर कक्षा 7वीं की एक छात्रा ने गलत तरीके से टच करने का आरोप लगाया था। उस समय छात्रा ने क्लास टीचर को इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद स्कूल की तत्कालीन और वर्तमान प्रिंसिपल को भी मामले की जानकारी हुई थी। आरोपी शिक्षक को अलग बैठाकर उससे इस बारे में पूछताछ की गई थी। तब शिक्षक ने कथित तौर पर कहा था कि स्कूल की सभी बच्चियों को वह अपनी बच्चियों की तरह समझते हैं और उनकी कोई गलत नीयत नहीं थी। उन्होंने बच्चियों को अपनी बच्ची समझकर डांटने-फटकारने की बात कही थी। इसके बाद उन्हें सख्त हिदायत दी गई थी कि बच्चियों को पढ़ाते समय किसी तरह का टच नहीं करेंगे। उस समय मामला शांत हो गया था। करीब दो साल बाद अब एक बार फिर इसी तरह के आरोप सामने आए हैं। इस बार शिकायत करने वाली छात्राओं की संख्या पहले की तुलना में अधिक बताई जा रही है। 6वीं, 7वीं और 8वीं की बच्चियों का दावा स्कूल में मौजूद छात्राओं से मिली जानकारी के अनुसार, 6वीं, 7वीं और 8वीं कक्षा की करीब 10-12 लड़कियों के साथ ऐसी हरकत किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, फिलहाल चार बच्चियों और उनके परिजनों ने पुलिस में शिकायत की है। स्कूल में कई बच्चियां इस मामले पर बात करने से हिचकती नजर आईं। वहीं, कुछ छात्राओं ने सामने आकर अपने साथ हुई घटना के बारे में जानकारी दी। एक छात्रा ने कहा कि उन्हें गुड टच और बैड टच के बारे में स्कूल में बताया गया है। इसलिए उन्हें पता है कि किस तरह का स्पर्श सामान्य है और किस तरह का व्यवहार असहज कर सकता है। छात्राओं का कहना है कि शिक्षक के इस तरह छूने से उन्हें असहज महसूस होता था। बच्चियों का कहना है कि ऐसे शिक्षक को स्कूल से हटा देना चाहिए। उनका कहना है कि आरोपी शिक्षक के पढ़ाने के दौरान उन्हें अब अच्छा नहीं लगता। स्कूल में 11 शिक्षक, 9 महिला और 2 पुरुष स्कूल में कुल 11 शिक्षक हैं। इनमें 9 महिला शिक्षक और दो पुरुष शिक्षक हैं। आरोपों के घेरे में आए शिक्षक इन्हीं दो पुरुष शिक्षकों में से एक हैं। स्कूल की कुछ महिला शिक्षकों ने बताया कि आरोपी शिक्षक का व्यवहार उनके साथ कभी गलत नहीं रहा। उन्होंने बताया कि शिक्षक पढ़ाने में अच्छे हैं और महिला शिक्षकों के साथ उनका व्यवहार सामान्य रहा है। हालांकि, आरोपों को लेकर स्कूल की अन्य शिक्षिकाएं कोई स्पष्ट टिप्पणी करने से बचती रहीं। कुछ ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि बच्चियां ऐसा क्यों कह रही हैं, लेकिन उनके अनुभव में शिक्षक का व्यवहार अच्छा रहा है। 12 साल से इसी स्कूल में पढ़ा रहे शिक्षक जानकारी के अनुसार आरोपी शिक्षक करीब 12 साल से इसी विद्यालय में पदस्थापित हैं। उनकी शादी हो चुकी है। फिलहाल पुलिस उन्हें फरार बता रही है और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है। वहीं, स्कूल के शिक्षकों के अनुसार आरोपी शिक्षक ने करीब एक महीने पहले ही छुट्टी के लिए आवेदन दिया था और वह फिलहाल बाहर गए हुए हैं। इस बिंदु की भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने दर्ज की FIR, बयान के आधार पर जांच मामले में छात्राओं के बयान और परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसडीपीओ सरैया अभिजीत कौर के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में छात्राओं ने बताया है कि शिक्षक द्वारा गलत टच की हरकत होली के आसपास से किए जाने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने स्कूल पहुंचकर भी जानकारी ली थी। अब बच्चियों के बयान, स्कूल प्रशासन को दी गई कथित पुरानी सूचना और 2024 की शिकायत समेत सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीईओ ने की कार्रवाई, आरोपी टीचर निलंबित पारू प्रखंड के मध्य विद्यालय में छात्राओं के साथ बदसलूकी के आरोप में शिक्षक रतन कुमार सहनी को निलंबित कर दिया गया है। डीएम के निर्देश पर डीईओ ने कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में शिक्षक का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, साहेबगंज का कार्यालय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

